Goldie Behl: प्रोड्यूसर गोल्डी बहल का टीवी पर धमाकेदार कमबैक, दो हिट शोज के साथ TRP में छाए!

Goldie Behl: मशहूर निर्माता-निर्देशक गोल्डी बहल ने लंबे समय बाद टीवी पर शानदार वापसी की है। उनकी प्रोडक्शन कंपनी Rose Audio Visuals ने हाल ही में दो डेली शोज लॉन्च किए हैं, जिन्हें दर्शकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है। ऐसे समय में उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई खास बातें बताईं।

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 4:42 PM
Story continues below Advertisement

प्रोड्यूसर गोल्डी बहल टीवी की दुनिया में जोरदार वापसी कर रहे हैं। उनके प्रोडक्शन हाउस रोज ऑडियो विजुअल्स के दो डेली सोप 'इत्ती सी खुशी' और 'जाने अंजाने हम मिले' TRP चार्ट्स पर धूम मचा रहे हैं। OTT के जमाने में भी टीवी की ताकत साबित करते हुए गोल्डी कहते हैं, "टीवी कोई फेज नहीं, आदत है!" यह सफलता उनके बैनर के लिए मील का पत्थर है, जो फिल्मों से शुरू होकर अब पॉडकास्ट तक फैल चुका है।

OTT vs टीवी पर गोल्डी का नजरिया

मनीकंट्रोल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में गोल्डी ने बताया कि GEC पर वापसी से पहले डेली फॉर्मेट को लेकर डर था, लेकिन दर्शकों का रिस्पॉन्स देखकर उत्साह दोगुना हो गया। दोनों शोज अलग टोनैलिटी पर बने हैं फिर भी ऑडियंस को समझना इसके पीछे कामयाबी का राज होता है। 'इत्ती सी खुशी' रोजमर्रा की जद्दोजहद दिखाती है, तो 'जाने अंजाने हम मिले' में रीत का जुझारूपन छलकता है। गोल्डी बोले, "हमारे कोर वैल्यूज - रेजिलिएंस और ट्रांसफॉर्मेशन - हर कैरेक्टर में बस्ते हैं। OTT-फिल्म की सीख को टीवी में उतार रहे हैं।" यह ब्लेंड दर्शकों को भा गया।

गोल्डी का कहना है कि टीवी की प्रासंगिकता कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह दर्शकों की आदत और भावनात्मक जुड़ाव से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि टीवी सबसे ज्यादा एक्सेसिबल है और यह हर उम्र के दर्शकों को जोड़ता है। वहीं OTT और माइक्रो-ड्रामा जैसे नए प्लेटफॉर्म्स भी उन्होंने अपनाए हैं, लेकिन उनका मानना है कि टीवी का अपना अलग महत्व है।


जब प्रोड्यूसर से यह सवाल पूछा गया कि OTT के बावजूद टीवी क्यों जिंदा है तो उनका जवाब साफ था कि टीवी सस्ता है आसानी से पहुंच योग्य है और फैमिली एंटरटेनमेंट भी है। अलग-अलग जनरेशन की आदत बनी हुई है।" कैरेक्टर डेवलपमेंट को नंबर वन प्रायोरिटी बताते हुए कहा, "दर्शक प्लॉट से ज्यादा कैरेक्टर्स से जुड़ते हैं। भारत बदल रहा है, कैरेक्टर्स भी बदलें।"

TRP और दर्शकों का भरोसा

गोल्डी बहल ने साफ कहा कि टीवी शोज की सफलता का पैमाना अब भी TRP ही है। उन्होंने बताया कि उनके नए शोज ने शुरुआती हफ्तों में ही अच्छी TRP हासिल की है, जो इस बात का सबूत है कि दर्शक आज भी टीवी को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि टीवी सिर्फ एक फेज नहीं बल्कि लाइफस्टाइल का हिस्सा है।

नए दौर में प्रयोग

गोल्डी बहल ने यह भी स्वीकार किया कि कंटेंट क्रिएटर्स को बदलते समय के साथ खुद को ढालना पड़ता है। उन्होंने पॉडकास्ट और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो जैसे नए फॉर्मेट्स पर भी काम किया है। लेकिन उनका मानना है कि चाहे प्लेटफॉर्म कोई भी हो, असली ताकत क्रिएटिव कॉन्विक्शनॉ और दर्शकों से जुड़ाव में है। फिल्मों से टीवी, OTT, अब पॉडकास्ट-माइक्रो ड्रामा तक काम किए प्रोड्यूसर गोल्डी कहते हैं, "रेजिलिएंस रखो, लेकिन बदलाव से डरो मत। 360-डिग्री कंटेंट इकोसिस्टम में हैं।"

गोल्डी बहल की टीवी पर वापसी यह साबित करती है कि भले ही OTT और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तेजी से बढ़ रहे हों, लेकिन टेलीविजन अब भी भारतीय दर्शकों की आदत और भावनाओं का हिस्सा है। उनके दो सफल शोज और बढ़ती TRP इस बात का सबूत हैं कि टीवी का दौर खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।