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Rang De Basanti: जब कोई नहीं खरीदना चाहता था 'रंग दे बसंती' की स्क्रिप्ट, फिर आमिर खान ने ऐसे बचाई फिल्म

Rang De Basanti: निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने खुलासा किया कि शुरुआत में कोई भी रंग दे बसंती की स्क्रिप्ट खरीदने को तैयार नहीं था, लेकिन आमिर खान के भरोसे ने फिल्म को डूबने से बचा लिया। रिलीज के बाद इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 96 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर इतिहास रच दिया और आज यह भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन 'कल्ट क्लासिक' फिल्मों में गिनी जाती है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 4:51 PM
Rang De Basanti: जब कोई नहीं खरीदना चाहता था 'रंग दे बसंती' की स्क्रिप्ट, फिर आमिर खान ने ऐसे बचाई फिल्म

बॉलीवुड में कुछ फ़िल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर कमाई नहीं करतीं, बल्कि एक पूरे दौर की सोच बदल देती हैं। साल 2006 में आई रंग दे बसंती भी एक ऐसी ही फिल्म थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज 'कल्ट क्लासिक' मानी जाने वाली इस फिल्म को बनाने के लिए निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा को दर-दर भटकना पड़ा था? एक समय ऐसा था जब कोई भी इस फिल्म की कहानी पर पैसा लगाने को तैयार नहीं था।

हर तरफ से मिला रिजेक्शन

फिल्म के 20 साल पूरे होने के मौके पर निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने एक पुराने दर्द को साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर वह कई प्रोड्यूसर्स के पास गए, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा हाथ लगी। उस दौर में देशभक्ति और सिस्टम के खिलाफ युवाओं की बगावत वाली इस अनोखी कहानी को 'जोखिम' माना जा रहा था। किसी को यकीन नहीं था कि यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच पाएगी।

आमिर खान बने 'संकटमोचन'

जब फिल्म अधर में लटकी थी, तब आमिर खान एक मसीहा बनकर सामने आए। आमिर को फिल्म की कहानी में वो दम नजर आया जो बाकी लोग नहीं देख पा रहे थे। मेहरा ने बताया कि आमिर ने उनसे कहा था, "मेहरा, फिक्र मत करो, यह फिल्म तो बनकर रहेगी, चाहे कुछ भी हो जाए।" आमिर खान न केवल इस फिल्म का हिस्सा बने, बल्कि उनके जुड़ने से फिल्म को वो मजबूती मिली जिसकी उसे सख्त जरूरत थी। आमिर के भरोसे ने पूरी टीम में नई जान फूंक दी।

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