आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' (धुरंधर 2) इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी के नए झंडे गाड़ रही है। रणवीर सिंह के दमदार अभिनय से सजी यह फिल्म महज कुछ ही समय में ₹800 करोड़ के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच गई है। जहां एक तरफ फिल्म की टीम इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ इंटरनेट पर एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है।
विकिपीडिया पर फिल्म का विवरण बना चर्चा का विषय
ताजा विवाद की जड़ दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया, विकिपीडिया पर मौजूद फिल्म का पेज है। विकिपीडिया पर इस फिल्म को एक "स्पाई एक्शन थ्रिलर प्रोपेगेंडा फिल्म" के रूप में वर्णित किया गया है। जैसे ही यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, फिल्म प्रेमियों और आलोचकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है।
फिल्म में दिखाए गए कुछ खास दृश्यों और कहानी के प्लॉट को लेकर दर्शक दो गुटों में बंट गए हैं। विशेष रूप से फिल्म में नोटबंदी के चित्रण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। आलोचकों का तर्क है कि फिल्म एक खास विचारधारा को बढ़ावा दे रही है, जबकि फिल्म के प्रशंसकों का मानना है कि यह केवल एक सिनेमाई रचनात्मकता है जिसे मनोरंजन के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
आदित्य धर, जिन्होंने इससे पहले 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी थी, अपनी फिल्मों में राष्ट्रवाद के पुट के लिए जाने जाते हैं। 'धुरंधर 2' में भी उन्होंने इसी शैली को बरकरार रखा है, जो बड़े वर्ग को पसंद आ रही है, लेकिन एक वर्ग इसे 'एजेंडा' आधारित फिल्म करार दे रहा है।
विवादों के बावजूद, फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। रणवीर सिंह का स्क्रीन प्रेजेंस और आदित्य धर का विजन दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रहा है। ₹800 करोड़ की वैश्विक कमाई यह साबित करती है कि विवाद फिल्म की लोकप्रियता को कम करने के बजाय उसे और अधिक चर्चा में बनाए हुए हैं।
भारतीय सिनेमा में 'प्रोपेगेंडा' और 'सिनेमा' के बीच की लकीर अक्सर धुंधली होती रही है। जहां विकिपीडिया जैसे ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर संपादन के कारण ऐसे लेबल चर्चा का विषय बन जाते हैं, वहीं अंतिम फैसला हमेशा जनता के हाथ में होता है। 'धुरंधर 2' की सफलता यह साफ कर रही है कि जनता ने इसे एक मनोरंजक थ्रिलर के रूप में स्वीकार कर लिया है।