'रोडीज' के बादशाह रणविजय सिंह ने हाल ही में अपने लंबे सफर पर खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि टीवी इंडस्ट्री में टिके रहना आसान नहीं, क्योंकि दर्शक और ट्रेंड्स तेजी से बदलते हैं। लगभग दो दशकों के अनुभव के साथ रणविजय का मानना है कि एक हिट शो या फिल्म काफी नहीं हर कदम पर नयापन लाना पड़ता है।
रोडीज से शुरू हुआ धमाकेदार सफर
2003 में 'एमटीवी रोडीज' के कंटेस्टेंट के रूप में छोटे शहर जालंधर से मुंबई पहुंचे रणविजय ने कभी नहीं सोचा था कि ये शो उनकी किस्मत बदल देगा। पहले गैंगलीडर बने, फिर 2004 से 2021 तक होस्टिंग की कमान संभाली। 'स्प्लिट्सविला', 'स्टंटमेनिया' जैसे शोज ने उन्हें घर-घर पहचान दी। 2022 में रोडीज छोड़ने का फैसला मुश्किल था, लेकिन उन्होंने कहा, "डेट्स की समस्या और क्रिएटिव डिफरेंस ने मजबूर किया।" अब वे 'शार्क टैंक इंडिया' और वाइल्डलाइफ शो 'सफारी इंडिया' होस्ट कर रहे हैं।
रणविजय ने फिल्मों में भी हाथ आजमाया 2009 की 'लंदन ड्रीम्स' (सलमान-अजय संग), 'एक्शन रिप्ले' (अक्षय-ऐश्वर्या के साथ), फिर 'मोड' और '3एम'। हालांकि बॉलीवुड में वो ब्रेकआउट स्टार नहीं बन सके, लेकिन टीवी पर उनका जलवा बरकरार है। शादीशुदा जीवन में पत्नी प्रियंका वोहरा और दो बच्चों के साथ वे फैमिली को टाइम देते हैं।
बदलते दौर में सबक और सलाह
शो के बाद रणविजय ने टीवी होस्टिंग, फिल्मों और वेब सीरीज में भी अपनी जगह बनाई। उन्होंने माना कि इंडस्ट्री में टिके रहना आसान नहीं था, लेकिन रोडीज़ से मिली लोकप्रियता ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। “लोग मुझे आज भी रोडीज़ फेम रणविजय कहते हैं और यह मेरे लिए गर्व की बात है,” उन्होंने कहा।
रणविजय ने अपने फैंस का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें हर बार नए काम करने की प्रेरणा देता है।
रणविजय सिंह का यह बयान दिखाता है कि मेहनत और संघर्ष से ही सफलता मिलती है। रोडीज़ से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा बना चुका है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।