बॉलीवुड के एक्शन किंग रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आलीशान घर 'शेट्टी टावर्स' पर हुई फायरिंग की घटना ने इंडस्ट्री में दहशत फैला दी थी। पुलिस ने अब बड़ा खुलासा किया है कि हथियारों का सप्लायर आरोपी असराम फासले पिछले चार साल से बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था। यह मामला क्राइम ब्रांच के हाथों सौंपा गया, जिसने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पिछले हफ्ते रात करीब 12:45 बजे एक अज्ञात बाइक सवार ने रोहित के घर के बाहर 4-5 राउंड गोली चलाई। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि हमलावर बाइक से उतरा, पैदल आया और दीवार पर गोलीबारी की। एक गोली बिल्डिंग के जिम के शीशे में लगी, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ। रोहित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन उन्होंने बताया कि उन्हें कोई धमकी कॉल या मैसेज नहीं मिला। पुणे के वर्जे और कर्वेनगर से चारों मुख्य आरोपी पकड़े गए थे। इनका नाम स्वप्नील सकट, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी और आदित्य गायकी है। बाद में असराम फासले को भी दबोचा गया।
गैंग कनेक्शन और हथियारों का खेल
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि असराम गैरेज मैकेनिक बनकर बिश्नोई गैंग को हथियार मुहैया कराता था। उसके पास से तीन पिस्टल बरामद हुईं, जबकि स्वप्नील के घर से एक पिस्टल, एयर गन और मैगजीन मिली। मुख्य शूटर शुभम लोनकर अभी फरार है, जिसकी तलाश में 12 टीमें लगी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में शुभम का नाम आरजू बिश्नोई से जोड़ा गया। कोर्ट ने सभी को 11 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस की सख्ती और बॉलीवुड में हड़कंप
मुंबई पुलिस ने आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गैंगवार का हिस्सा हो सकता है। रोहित शेट्टी ने शांत रहने की अपील की, लेकिन इंडस्ट्री में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई। इस मामले में जांच जारी है।