फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर हुई फायरिंग की घटना ने इंडस्ट्री और शहर दोनों को हिला कर रख दिया है। मामले में जांच लगातार तेज की जा रही है और पुलिस को अहम सुराग मिलते जा रहे हैं। CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस ने राजस्थान से एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। इससे पहले हरियाणा से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें एसटीएफ बहादुरगढ़ और मुंबई पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा था।
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं और इस घटना के पीछे की साजिश को पूरी तरह उजागर करने की कोशिश कर रही हैं। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर कड़ी को जोड़ने में लगी हुई है।
गिरफ्तार लोगों की पहचान रितिक यादव (आगरा), दीपक (नोएडा), सनी और सोनू (दोनों आगरा) के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि उनका मकसद शहर में दहशत फैलाना था।
मकोका के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराएं जोड़ी गई हैं।
एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले जांच
जॉइंट ऑपरेशन के बाद आरोपियों को मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल, इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम को सौंपा गया है। उनके पास से मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद हुई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ है कि 31 जनवरी 2026 की रात यह फायरिंग कथित तौर पर Lawrence Bishnoi गैंग के इशारे पर की गई। गिरोह से जुड़े शुभम लोनकर का नाम भी सामने आया है, जिसने कथित रूप से वारदात की जिम्मेदारी ली थी।