सलमान खान की ‘Battle of Galwan’ का बदला नाम, अब इस टाइटल से होगी रिलीज

Battle of Galwan: सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम बदलकर अब ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया है। फिल्म के जरिए मेकर्स दुनिया को शांति का संदेश देना चाहते हैं। कहानी युद्ध के बजाय उसे रोकने की जरूरत पर जोर देती है। नए नाम को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। यह फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी

अपडेटेड Mar 16, 2026 पर 3:21 PM
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Battle of Galwan: इस फिल्म के जरिए शलमान खान एक ऐसी कहानी लेकर आ रहे

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ बताया जा रहा था, लेकिन अब मेकर्स ने इसका नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया है। नाम में किया गया ये बदलाव दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, फिल्म का नया नाम सिर्फ बदलाव भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक खास सोच भी छिपी हुई बताई जा रही है। मेकर्स इस फिल्म के जरिए केवल युद्ध की कहानी दिखाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि एक गहरा संदेश भी देना चाहते हैं।

फिल्म का नया शीर्षक इस बात की ओर इशारा करता है कि युद्ध के पीछे छिपे दर्द, बलिदान और शांति की अहमियत को भी दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा। इसी वजह से फिल्म का ये नया नाम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

गलवान की वीर गाथा पर आधारित कहानी


फिल्म की कहानी Galwan Valley की ऐतिहासिक घटना से प्रेरित बताई जा रही है। यह घटना भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान की मिसाल मानी जाती है। आम तौर पर ऐसी फिल्मों में युद्ध के दृश्य और एक्शन को ज्यादा दिखाया जाता है, लेकिन इस फिल्म के जरिए कहानी को एक अलग नजरिए से पेश करने की कोशिश की गई है।

टैगलाइन में छिपा खास संदेश

फिल्म के नए नाम के साथ इसकी टैगलाइन “मे वॉर रेस्ट इन पीस” भी लोगों का ध्यान खींच रही है। इसका अर्थ है कि युद्ध खत्म हो और दुनिया में शांति कायम रहे। यानी फिल्म सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं बताएगी, बल्कि ये भी समझाने की कोशिश करेगी कि असली जीत शांति की होती है।

सोशल मीडिया पर मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स

फिल्म का नया पोस्टर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई लोग इस बदलाव को एक साहसी कदम मान रहे हैं। दर्शकों का मानना है कि इस तरह की फिल्में केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि देशभक्ति और मानवीय मूल्यों का संदेश भी देती हैं।

रणभूमि से शांति का संदेश

इस फिल्म के जरिए शलमान खान एक ऐसी कहानी लेकर आ रहे हैं, जो सिर्फ सीमा पर लड़ी गई लड़ाई तक सीमित नहीं है। ये फिल्म ये संदेश देती है कि सैनिकों का बलिदान केवल युद्ध जीतने के लिए नहीं, बल्कि देश में शांति और सुरक्षित भविष्य के लिए होता है। इसी सोच के साथ ये फिल्म दर्शकों को भावनात्मक और विचारशील अनुभव देने की कोशिश करेगी।

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