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Ghooskhor Pandit: सुप्रीम कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडित’ मेकर्स को लगाई फटकार, मनोज बाजपेयी की फिल्म पर बड़ा फैसला

Supreme Court On Ghooskhor Pandit: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म “घूसखोर पंडत” के निर्माताओं को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने साफ कहा कि किसी भी वर्ग का अपमान करना गलत है और समाज में पहले से मौजूद दरारों को और बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 12, 2026 पर 12:55 PM
Ghooskhor Pandit: सुप्रीम कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडित’ मेकर्स को लगाई फटकार, मनोज बाजपेयी की फिल्म पर बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने मनोज बाजपेयी स्टारर विवादित फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के मेकर्स को सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी समुदाय या वर्ग का अपमान करना अस्वीकार्य है, चाहे वह सिनेमा का नाम हो या कंटेंट। नेटफ्लिक्स प्रोडक्शन वाली इस थ्रिलर पर ब्राह्मण संगठनों के विरोध के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिसेज ने फटकार लगाते हुए मेकर्स से सफाई मांगी।

फिल्म का टीजर 3 फरवरी 2026 को लॉन्च हुआ, जिसमें मनोज बाजपेयी भ्रष्ट पुलिसवाले ‘पंडित’ अजय दीक्षित बने हैं। टाइटल पर ही हंगामा मच गया। लखनऊ में हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज होते नजर आया और प्रयागराज में परशुराम सेना का पुतला फूंका। वीएचपी ने इसे ब्राह्मणों पर हमला बताया। मेकर्स नीरज पांडे ने सफाई दी कि यह किसी जाति पर नहीं, बल्कि एक कमजोर इंसान की कहानी है, लेकिन विरोध नहीं रुका।

दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही नाम बदलने की सहमति पर याचिका निपटा चुका था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत है। अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर इसे जातिवादी करार दिया। अब मेकर्स पर फिल्म की रिलीज को लेकर दबाव बना हुआ है।

यह मामला फिल्म के शीर्षक को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें ‘पंडत’ शब्द के इस्तेमाल पर विरोध दर्ज किया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह नाम एक समुदाय को अपमानित करता है और समाज में गलत संदेश देता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विवादित नामों का इस्तेमाल अक्सर पब्लिसिटी के लिए किया जाता है, लेकिन यह स्वीकार्य नहीं है।

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