बॉलीवुड के मशहूर और दिग्गज प्लेबैक सिंगर उदित नारायण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया गाना नहीं, बल्कि एक गंभीर विवाद है। उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा ये मामला सामने आते ही सिनेमा और संगीत जगत में हलचल मच गई है। उदित नारायण की पहली पत्नी रंजना ने बिहार के सुपौल जिले के महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद ये मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है। शिकायत सामने आने के बाद से ही इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रंजना के आरोपों ने न सिर्फ उदित नारायण की निजी जिंदगी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बार फिर उनके अतीत से जुड़े मुद्दों को भी चर्चा में ला दिया है।
वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस विवाद से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
पत्नी रंजना ने दर्ज कराई शिकायत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रंजना मंगलवार को अपने वकील करुणाकांत झा के साथ महिला थाने पहुंचीं और लिखित आवेदन सौंपा। उन्होंने उदित नारायण, उनके दो भाइयों और दूसरी पत्नी दीपा नारायण पर आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।
शादी और दूसरी शादी को लेकर आरोप
मीडिया से बात करते हुए रंजना ने कहा, 'मुझे न्याय मिलना चाहिए। उदित नारायण बार-बार वादे करते हैं, लेकिन उन्हें निभाते नहीं हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वो गांव आते हैं तो नए वादे करके चले जाते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह इन दिनों लगातार बीमार रहती हैं और उन्हें सहयोग की जरूरत है, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिल रही।
बिना सहमति सर्जरी कराने का गंभीर दावा
रंजना ने ये भी आरोप लगाया कि 1996 में इलाज के बहाने दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में ले जाकर उनकी जानकारी और सहमति के बिना गर्भाशय निकाल दिया गया। उनका कहना है कि इस सर्जरी की सच्चाई उन्हें कई साल बाद पता चली।
दुर्व्यवहार और उपेक्षा के आरोप
रंजना के मुताबिक, 2006 में मुंबई जाने पर उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद नेपाल स्थित ससुराल में भी कथित तौर पर उन्हें अपमान झेलना पड़ा।
“वादे होते रहे, लेकिन निभे नहीं”
मीडिया से बातचीत में रंजना ने कहा कि उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि उदित नारायण बार-बार आश्वासन देते रहे, लेकिन न आर्थिक सहायता मिली और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया।
महिला थाने की प्रभारी अंजू तिवारी ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है। चूंकि आरोपित घटनाएं काफी पुरानी हैं, इसलिए मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।