साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का टीजर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया था। लेकिन अब यह फिल्म कानूनी पचड़े में फंस गई है। एक सोशल एक्टिविस्ट दिनेश कल्लाहल्ली ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के चेयरपर्सन प्रसून जोशी को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म के टीजर में ऐसे दृश्य हैं जो “अत्यधिक अश्लील, यौन रूप से स्पष्ट और नैतिक रूप से आपत्तिजनक” हैं।
टीजर में यश को एक महिला के साथ कार में अंतरंग होते और फिर कब्रिस्तान में बंदूक से लोगों को मारते हुए दिखाया गया है। इस बोल्ड अंदाज ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी। जहां कुछ फैंस ने इसे यश का नया और दमदार अवतार बताया, वहीं कई लोगों ने इसे “वुल्गर और समाज के लिए हानिकारक” करार दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह टीजर सोशल मीडिया पर बिना किसी रोक-टोक के प्रसारित हो रहा है, जिससे नाबालिगों और युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक मंचों पर दिखाना समाज की नैतिकता के खिलाफ है।
फिल्म में यश का किरदार ‘राया’ एक गैंगस्टर ड्रामा के रूप में पेश किया गया है। निर्देशक ने इसे एक डार्क फेयरी टेल की तरह गढ़ा है, जिसमें हिंसा और रोमांस का मिश्रण है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या फिल्म की बोल्डनेस उसकी लोकप्रियता बढ़ाएगी या सेंसर बोर्ड की कैंची से कट जाएगी।
यह विवाद सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है। यह समाज में बढ़ती उस बहस को भी सामने लाता है कि कला और मनोरंजन की स्वतंत्रता की सीमा कहां तक है। यश के फैंस मानते हैं कि कलाकार को अपनी कहानी कहने की आज़ादी होनी चाहिए, जबकि एक्टिविस्ट्स का कहना है कि ऐसी सामग्री युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकती है।
अब सबकी निगाहें CBFC पर टिकी हैं। अगर बोर्ड इस शिकायत को गंभीरता से लेता है तो फिल्म की रिलीज पर असर पड़ सकता है। वहीं, मेकर्स और फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि ‘टॉक्सिक’ अपनी बोल्डनेस के बावजूद बड़े पर्दे पर धमाकेदार एंट्री करेगी।