आज की तेज और बदलती लाइफस्टाइल महिलाओं की सेहत पर गहरा असर डाल रही है। असंतुलित खान-पान, तनाव, देर रात जागना और धूम्रपान जैसी आदतें न केवल इम्यूनिटी को कमजोर करती हैं, बल्कि कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ाती हैं। ऐसे में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। सर्वाइकल कैंसर, यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर, भी एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो ग्रीवा की कोशिकाओं के अनियंत्रित बढ़ने के कारण होती है। इसका मुख्य कारण एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) है,
जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है और पुरुष से महिला या महिला से पुरुष दोनों में संक्रमण कर सकता है। समय पर पेप्समीयर और एचपीवी जांच कराना, संतुलित जीवनशैली अपनाना और छोटी उम्र में वैक्सीन लगवाना इस कैंसर से बचाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
लक्षण नहीं दिखते, इसलिए समय पर जांच जरूरी
90% मामलों में एचपीवी शांत रहता है और संक्रमण कई सालों तक नजर नहीं आता। कैंसर के शुरुआती चरण में लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए हर तीन साल में पेप्समीयर और एचपीवी जांच बहुत जरूरी है। समय रहते जांच कराने से इसे रोकना संभव है।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण क्या हैं?
शुरुआत में सर्वाइकल कैंसर में आम तौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं:
पीरियड साइकिल में बदलाव: सामान्य से ज्यादा ब्लीडिंग होना या पीरियड्स का लंबे समय तक चलना।
असामान्य ब्लीडिंग: सेक्स के बाद, दो पीरियड्स के बीच या मेनोपॉज के बाद असामान्य खून आना।
असामान्य डिस्चार्ज: वेजाइना से पानी जैसा या खून वाला डिस्चार्ज निकलना, कभी-कभी दुर्गंध के साथ।
दर्द: पेल्विक एरिया में दर्द महसूस होना या सेक्स के दौरान असुविधा।
ये लक्षण समय पर पहचान लिए जाएं तो कैंसर के शुरुआती इलाज में मदद मिलती है।
धूम्रपान करने वाली महिलाओं में एचपीवी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कैंसर जनित कोशिकाएं अधिक सक्रिय हो सकती हैं। धूम्रपान से बचना और प्रदूषित जगहों पर न रहना महत्वपूर्ण है।
लड़कों को भी लगवाएं वैक्सीन
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लड़कों को भी एचपीवी वैक्सीन लगवाना जरूरी है। इससे उनमें प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वे वायरस के वाहक नहीं बनते।
वैक्सीन और उम्र का ध्यान रखें
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।