गर्मियों का मौसम आते ही लोगों की लाइफस्टाइल बदल जाती है और ठंडे, रसीले फल डाइट का अहम हिस्सा बन जाते हैं। तरबूज, अंगूर, आम और केला जैसे फल न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं बल्कि तुरंत एनर्जी भी देते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यही फलों का सेवन थोड़ी सावधानी मांगता है। कई फलों में प्राकृतिक शुगर यानी फ्रुक्टोज की मात्रा ज्यादा होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है। अगर डाइट पर ध्यान न दिया जाए, तो शुगर 300 तक भी पहुंच सकती है, जिससे आंखों की रोशनी पर असर, कमजोरी और शरीर में अन्य दिक्कतें हो सकती हैं।
इसलिए गर्मियों में लाइफस्टाइल और खानपान दोनों में संतुलन रखना जरूरी है। सही फल चुनकर और सीमित मात्रा में सेवन करके डायबिटीज मरीज भी गर्मियों का आनंद सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।
हाई शुगर वाले फल क्यों होते हैं खतरनाक?
कुछ फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) ज्यादा होता है, यानी वे शरीर में जाकर ब्लड शुगर को जल्दी बढ़ाते हैं। ऐसे फल डायबिटीज मरीजों के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं। ज्यादा मीठे फल खाने से थकान, चिड़चिड़ापन और शरीर में असंतुलन जैसी दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं
अनानास स्वाद में बहुत मीठा और रसीला होता है, लेकिन इसका GI करीब 66 है। यह भी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है, इसलिए इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।
अंगूर छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें ग्लूकोज और फ्रुक्टोज की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसका GI लगभग 59 है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बना रहता है।
गर्मी में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल तरबूज भले ही ठंडक देता हो, लेकिन इसमें नेचुरल शुगर ज्यादा होती है। इसका GI लगभग 72 होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
चेरी देखने में जितनी आकर्षक होती है, उतनी ही इसमें शुगर का असर भी हो सकता है। इसका मीडियम GI ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना मुश्किल बना सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
केला शरीर को तुरंत एनर्जी देता है, लेकिन इसमें स्टार्च और शुगर दोनों ज्यादा होते हैं। इसका GI 60 से ऊपर होता है, इसलिए डायबिटीज मरीजों को इसे कम मात्रा में ही खाना चाहिए।
ब्लड शुगर बढ़ने पर क्या होता है?
अगर ब्लड शुगर बढ़ जाए तो शरीर में कई परेशानियां हो सकती हैं, जैसे:
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।