Womb Cancer: महिलाओं में होने वाले इस सबसे आम कैंसर के लक्षणों को जान लें, एक्सपर्ट डॉक्टर की ये सलाह बचाएगी जान!

Womb Cancer Symptoms: आजकल खराब जीवनशैली के कारण गर्भाशय कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह बीमारी तब होती है जब एंडोमेट्रियम यानी गर्भाशय की अंदरूनी परत की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने और विभाजित होने लगती हैं। धीरे-धीरे ये कोशिकाएं ट्यूमर बनाकर कैंसर का रूप ले लेती हैं

अपडेटेड May 15, 2026 पर 2:30 PM
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Womb Cancer: बच्चेदानी का कैंसर, जिसे यूटेराइन या एंडोमेट्रियल कैंसर भी कहा जाता है।

आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अपनी सेहत को लेकर कई बार लापरवाही कर देती हैं। खासकर कई महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी बीमारियों को छुपा लेती हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं। इन्हीं में से एक खतरनाक बीमारी है बच्चेदानी का कैंसर, जिसे यूटेराइन या एंडोमेट्रियल कैंसर भी कहा जाता है। ये कैंसर गर्भाशय की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) में शुरू होता है और धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली और हार्मोनल असंतुलन के कारण इसके मामले बढ़ रहे हैं। अच्छी बात ये है कि इसके शुरुआती लक्षण पहचानकर समय पर इलाज किया जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

बच्चेदानी के कैंसर के शुरुआती संकेत


पेट के निचले हिस्से में दर्द

अगर बार-बार पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। ये बच्चेदानी से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

अनियमित ब्लीडिंग या स्पॉटिंग

पीरियड्स के बीच अचानक ब्लीडिंग या बार-बार स्पॉटिंग होना सामान्य नहीं है। ये एक चेतावनी संकेत हो सकता है और तुरंत जांच जरूरी है।

लंबे समय तक पीरियड्स रहना

अगर पीरियड्स सामान्य से ज्यादा दिनों तक चल रहे हों या खून ज्यादा आए, तो ये हार्मोनल बदलाव के साथ-साथ गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है।

मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग

मेनोपॉज के बाद किसी भी तरह की ब्लीडिंग या डिस्चार्ज को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह बच्चेदानी के कैंसर का अहम लक्षण हो सकता है।

शारीरिक संबंध के दौरान दर्द

अगर संबंध बनाते समय दर्द महसूस हो, तो ये भी एक संकेत हो सकता है कि अंदरूनी स्वास्थ्य में कोई समस्या है।

कैसे होता है यह कैंसर?

कैंसर हीलर सेंटर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने मनीकंट्रोल की टीम से बात करते हुए बताया कि बच्चेदानी का कैंसर तब शुरू होता है जब एंडोमेट्रियम की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं धीरे-धीरे ट्यूमर का रूप ले लेती हैं और कैंसर में बदल सकती हैं। खराब जीवनशैली, मोटापा, हार्मोन असंतुलन और जेनेटिक कारण इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।

किन महिलाओं को ज्यादा खतरा होता है?

  • मेनोपॉज के बाद की महिलाएं
  • मोटापे से पीड़ित महिलाएं
  • हाई ब्लड प्रेशर वाली महिलाएं
  • जिनका परिवार में कैंसर का इतिहास हो
  • हार्मोन असंतुलन की समस्या

समय पर पहचान क्यों जरूरी है?

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चेदानी के कैंसर में सबसे खास बात ये है कि इसका शुरुआती संकेत ब्लीडिंग के रूप में सामने आता है। अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इलाज आसान और सफल हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह की असामान्य ब्लीडिंग, दर्द या डिस्चार्ज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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