Heart Attack: हार्ट अटैक का डर कम करना अब हुआ आसान, अपनाएं ये तीन छोटे बदलाव

Heart Attack: नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि रोजाना सिर्फ 11 मिनट अतिरिक्त नींद लेने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम कम किया जा सकता है। छोटे-छोटे जीवनशैली सुधार, जैसे हल्की एक्सरसाइज और पोषण में बदलाव, दिल की सेहत को बेहतर बनाने में बेहद असरदार साबित हो रहे हैं

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 4:40 PM
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Heart Attack: मामूली सुधार ही हृदय की सेहत में फर्क ला सकते हैं।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी कर देते हैं। लंबी नौकरी, लगातार स्क्रीन टाइम, असंतुलित खान-पान और पर्याप्त नींद न लेने की आदतें धीरे-धीरे हृदय और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाती हैं। लेकिन हाल ही में यूरोपीय जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में छपे एक रिसर्च ने ये बताया कि स्वास्थ्य सुधार के लिए रातों-रात जीवनशैली बदलने की जरूरत नहीं है। इस अध्ययन के मुताबिक, केवल मामूली बदलाव भी हृदय और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, हर रात कुछ अतिरिक्त मिनटों की नींद लेना, दिनभर हल्की से मध्यम शारीरिक गतिविधि करना और आहार में थोड़ी ज्यादा सब्जियां शामिल करना ही पर्याप्त हो सकता है।

ये छोटे-छोटे कदम न केवल हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं, बल्कि लंबी अवधि में जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाते हैं। शोध ये बताता है कि नियमित और स्थायी आदतें अपनाने से हृदय रोगों का जोखिम 10% तक घट सकता है, और जीवनशैली में बड़े सुधार करने पर ये लाभ और भी बढ़ जाते हैं।

शोध में क्या पाया गया


यूके बायोबैंक के 53,000 से ज्यादा वयस्कों पर आठ साल तक किए गए इस रिसर्च में पाया गया कि अगर आप हर रात सिर्फ 11 मिनट अधिक सोते हैं, दिन में 4.5 मिनट मध्यम-तेज व्यायाम करते हैं और आहार में ¼ कप ज्यादा सब्जियां शामिल करते हैं, तो हृदय रोग का खतरा लगभग 10% तक घट सकता है।

बड़े बदलावों से और भी फायदा

जो लोग अपनी जीवनशैली में और अधिक सुधार करते हैं – जैसे 8–9 घंटे की नींद, प्रतिदिन 42 मिनट व्यायाम और संतुलित आहार – उनके लिए हृदय रोग का खतरा 57% तक कम हो सकता है।

स्मार्टवॉच और डेटा की मदद

रिसर्च में लोगों की नींद और व्यायाम के लेवल का विश्लेषण स्मार्टवॉच जैसी पहनने योग्य तकनीक से किया गया, जबकि खान-पान की जानकारी स्वयं दी गई। आठ साल में कुल 2,034 हृदय रोग के मामले दर्ज किए गए।

विशेषज्ञों की सलाह

सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ. निकोलस कोमेल के अनुसार, रोजमर्रा में छोटे-छोटे बदलाव हृदय स्वास्थ्य पर बड़ा असर डाल सकते हैं। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की एमिली मैकग्राथ भी कहती हैं कि रातों-रात जीवन बदलने की जरूरत नहीं है; नींद, गति और आहार में मामूली सुधार ही हृदय की सेहत में फर्क ला सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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