Health benefits of running: दौड़ना सेहत के लिए अच्छा होता है। इससे दिल, फेफड़े स्वस्थ रहते हैं और मोटापा भी नियंत्रित रहता है। लेकिन एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि इससे हॉर्मोन संतुलित होते हैं और जंक फूड से आपके पाचन तंत्र की जो बैंड बजी है, वो भी सुधरने लगेगी। यकीन नहीं हो रहा न। मगर, इस रिसर्च में कहा गया है कि दौड़ने से मूड अच्छा होता है, हार्मोन संतुलित होते हैं और जंक फूड से बिगड़े आंत के मेटाबोलाइट्स पुनर्स्थापित होते हैं, जिससे दिमाग की रक्षा होती है। यह दिल को भी मजबूत बनाता है, याददाश्त तेज करता है। दिमागी और शारीरिक लचीलेपन के लिए तनाव कम करता है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क के एक नए अध्ययन में पता चला है कि जंक फूड की वजह से जो मानसिक और हार्मोनल गड़बड़ी होती है उसे ठीक करने में एक अच्छी दौड़ बहुत मददगार हो सकती है। विशेषज्ञों ने पाया कि पश्चिमी शैली की डाइट पाचन तंत्र ही नहीं दिमागी सेहत के लिए खतरनाक होती है। लेकिन नियमित व्यायाम शरीर के साथ-सा मन को भी वापस संतुलन में ला सकता है।
यह शोध ब्रेन मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। प्रोफेसर यवोन नोलन के निर्देशन में हुए इस अध्ययन में पता चलता है कि दौड़ने से डिप्रेशन जैसी मानसिक अवस्थाओं में सुधार होता है। चूहों पर हुए इस अध्ययन में देखा गया है कि उच्च वसा और उच्च चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बावजूद दौड़ने वाले चूहों के नतीजे बेहतर रहे। यह केवल कैलोरी बर्न करने के बारे में नहीं है - अध्ययन से पता चलता है कि व्यायाम मूड और ऊर्जा से जुड़े प्रमुख हार्मोन और आंत के रसायनों को रीसेट करता है, जिससे यह पता चलता है कि हमारे शरीर आधुनिक आहार की अधिकता से कैसे उबर सकते हैं।
बेहतर समझने के लिए, वैज्ञानिकों ने चूहों के एक समूह को मानक आहार और दूसरे समूह को ‘कैफेटेरिया आहार’ यानी प्रसंस्कृत, मीठे व्यंजनों वाली चीजें दी गईं। कुछ चूहों के पास रनिंग व्हील थे, जबकि अन्य के पास नहीं। उन्होंने पाया कि अध्ययन किए गए 175 आंत मेटाबोलाइट्स में से लगभग 100 जंक फूड से प्रभावित थे, लेकिन एंसेरिन, इंडोल-3-कार्बोक्सिलेट और डीऑक्सीइनोसिन जैसे कई महत्वपूर्ण मेटाबोलाइट्स दौड़ने से फिर से बहाल हो सके। ये सभी भावनात्मक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।
अध्ययन में देखा गया कि, दौड़ने से न केवल मूड अच्छा हुआ, बल्कि हार्मोन का भी स्वरूप बदल गया। जंक फूड खाने वाले जो चूहे निष्क्रिय रहे, उनके इंसुलिन और लेप्टिन के स्तर में वृद्धि देखी गई। यह वजन बढ़ने और थकान से जुड़े हार्मोन हैं। लेकिन दौड़ने वाले चूहों में ये स्तर लगभग सामान्य हो गए। तो आइए जानते हैं इस दौड़ना और क्या जादू कर सकता है ?
पेट की सेहत मायने रखती है : जंक फूड पेट के एंजाइम्स को बदल देता है, लेकिन दौड़ने से संतुलन बहाल करने में मदद मिलती है।
हार्मोन वापस बहाल होते हैं : व्यायाम ने वसायुक्त खाद्य पदार्थों से होने वाले इंसुलिन और लेप्टिन के स्तर को ठीक किया।
आहार अब भी मायने रखता है : जंक फूड ने सक्रिय जानवरों में भी, नई मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास को रोक दिया।