Heart Attack: क्या हार्ट अटैक के दौरान एस्पिरिन बचा सकती है आपकी जान? सेल्फ मेडिकेशन छोड़ें और डॉक्टर की ये सलाह मानें

Heart Attack: हार्ट अटैक (Myocardial Infarction) आज की लाइफस्टाइल में तेजी से बढ़ती गंभीर समस्या है, जो तब होती है जब दिल की नसों में खून का थक्का बन जाता है और ब्लड फ्लो रुक जाता है। इससे दिल को ऑक्सीजन नहीं मिलती और स्थिति अचानक खराब हो सकती है, इसलिए तुरंत ध्यान देना जरूरी है

अपडेटेड May 18, 2026 पर 4:07 PM
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Heart Attack: एस्पिरिन एक ऐसी दवा है जो “एंटीप्लेटलेट” की तरह काम करती है।

हार्ट अटैक आजकल की लाइफस्टाइल में तेजी से बढ़ती एक गंभीर समस्या बन गया है। गलत खान-पान, जंक फूड, तनाव, कम शारीरिक गतिविधि और धूम्रपान जैसी आदतें दिल की सेहत को कमजोर कर रही हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ये स्थिति तब होती है जब दिल की नसों में खून का थक्का बन जाता है और ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। इसके कारण दिल तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और मरीज की हालत अचानक बिगड़ सकती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

ऐसे समय में तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि शुरुआती मिनटों में दी गई मदद कई बार जिंदगी बचा सकती है। इसी में एस्पिरिन (Aspirin) को एक अहम शुरुआती मदद के रूप में देखा जाता है, जो खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है।

एस्पिरिन क्या करती है?


एस्पिरिन एक ऐसी दवा है जो “एंटीप्लेटलेट” की तरह काम करती है। हमारे खून में प्लेटलेट्स नाम के छोटे-छोटे सेल होते हैं, जो चोट लगने पर खून जमाने में मदद करते हैं। लेकिन हार्ट अटैक के समय यही प्लेटलेट्स आपस में चिपककर खतरनाक थक्का बना देते हैं।

एस्पिरिन इन प्लेटलेट्स को चिपकने से रोकती है, जिससे खून का बहाव थोड़ा बेहतर हो जाता है और नसों में रुकावट बढ़ने से रुक सकती है। इसी कारण इसे शुरुआती इलाज में मददगार माना जाता है।

इमरजेंसी में कितनी मात्रा लेनी चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हों, तो डॉक्टर आमतौर पर 150 से 325 मिलीग्राम एस्पिरिन चबाकर लेने की सलाह देते हैं। चबाने से दवा जल्दी शरीर में असर दिखाती है और खून में तेजी से मिलती है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि जो लोग रोजाना कम डोज (75–100 mg) एस्पिरिन लेते हैं, वो इमरजेंसी स्थिति में पर्याप्त नहीं होती। हार्ट अटैक के समय एक अलग और ज्यादा मात्रा की जरूरत होती है, लेकिन ये सिर्फ इमरजेंसी के लिए होती है।

हार्ट अटैक के लक्षण पहचानना जरूरी

अगर किसी को ये लक्षण दिखें तो तुरंत ध्यान देना चाहिए:

  • छाती में तेज दर्द या भारीपन
  • हाथ का दर्द, गर्दन या जबड़े तक फैलना
  • सांस लेने में परेशानी
  • पसीना आना, उल्टी जैसा महसूस होना
  • अचानक चक्कर या कमजोरी

इन लक्षणों के दिखते ही जल्दी कदम उठाना बहुत जरूरी होता है।

किन लोगों को एस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए?

कुछ लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह एस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए:

  • जिन्हें एस्पिरिन से एलर्जी हो
  • जिनको अंदरूनी ब्लीडिंग की समस्या हो
  • गंभीर पेट के अल्सर वाले मरीज

ऐसे मामलों में दवा लेना खतरनाक हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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