Heart Attack: जिम करते हुए अचानक हार्ट अटैक आ जाए तो क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट डॉक्टर से जानिए
Heart Attack: वर्कआउट और जिम के दौरान युवाओं में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले हाल के समय में तेजी से बढ़े हैं, जिससे फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई लोग बिना सही जानकारी, हेल्थ चेकअप और क्षमता जाने भारी एक्सरसाइज कर रहे हैं, जो दिल पर अचानक दबाव डालकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है
Heart Attack:
जिम शुरू करने से पहले शरीर की जांच कराना जरूरी है।
हाल के समय में वर्कआउट और जिम के दौरान युवाओं में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। फिट रहने की चाह में कई लोग जिम तो जा रहे हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी के बिना की गई एक्सरसाइज कभी-कभी जानलेवा साबित हो रही है। खासकर सोशल मीडिया और फिट बॉडी बनाने की होड़ ने युवाओं में तेजी से भारी वर्कआउट करने का ट्रेंड बढ़ा दिया है, जो दिल पर अचानक दबाव डाल सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि समस्या फिटनेस में नहीं, बल्कि गलत तरीके से एक्सरसाइज करने में है। कई मामलों में लोग शुरुआती संकेतों को इग्नोर कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर हार्ट समस्या का कारण बन सकता है। इसलिए फिटनेस के साथ सावधानी और सही गाइडेंस बेहद जरूरी है।
इन संकेतों को बिल्कुल न करें इग्नोर
डॉ. ऋषि वी लोहिया के अनुसार, अगर वर्कआउट के दौरान सीने में दर्द, भारीपन, बाएं हाथ या कंधे में दर्द, गर्दन में खिंचाव, चक्कर या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत एक्सरसाइज रोक देनी चाहिए। ये हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्या के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा है या जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। स्मोकिंग करने वाले और लंबे समय से फिजिकली एक्टिव न रहने वाले लोगों में भी खतरा अधिक रहता है।
जिम में आम गलतियां जो खतरा बढ़ाती हैं
ईगो लिफ्टिंग
कई लोग दूसरों को देखकर अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाते हैं, जिससे दिल पर अचानक दबाव पड़ता है।
बिना हेल्थ चेकअप वर्कआउट
ECG या कार्डियक स्क्रीनिंग के बिना भारी एक्सरसाइज शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है।
सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का इस्तेमाल
तेजी से मसल्स बनाने के लिए गलत सप्लीमेंट्स दिल की धड़कन को असंतुलित कर सकते हैं।
कार्डियक अरेस्ट कैसे होता है?
डॉ. बिमल छाजेर के अनुसार, शरीर में मौजूद ब्लॉकेज या प्लाक अचानक टूट सकता है, जिससे दिल में ब्लड फ्लो रुक जाता है और कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। अत्यधिक और अचानक भारी एक्सरसाइज इस खतरे को बढ़ा देती है।
सुरक्षित वर्कआउट के लिए जरूरी टिप्स
जिम शुरू करने से पहले शरीर की जांच कराना जरूरी है। शुरुआत हमेशा हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक, योग और लाइट कार्डियो से करें। हफ्ते में 4–5 दिन, 30–45 मिनट का वर्कआउट पर्याप्त माना जाता है। अगर शरीर में कमजोरी, चक्कर या थकान हो तो उस दिन वर्कआउट से बचें।
जिम में हार्ट अटैक आए तो तुरंत क्या करें?
तुरंत एक्सरसाइज रोककर आराम दें
सीने में दर्द, सांस फूलना या भारीपन महसूस होते ही वर्कआउट बंद कर दें। मरीज को बैठाएं या लिटाएं और तंग कपड़े ढीले करें ताकि सांस लेने में आसानी हो।
जरूरी दवा दें
अगर मरीज हार्ट पेशेंट है तो डॉक्टर की दी गई दवा जैसे Sorbitrate जीभ के नीचे रखें।
Aspirin (लगभग 300 mg) उपलब्ध हो तो चबाने के लिए दें, इससे खून के थक्के बनने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
सांस और पल्स जांचें
अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए या सांस बंद हो जाए तो तुरंत सांस और नब्ज चेक करें।
CPR शुरू करें
मरीज की छाती के बीच दोनों हाथ रखकर लगातार दबाव दें (100–120 बार प्रति मिनट)। प्रशिक्षित होने पर माउथ-टू-माउथ सांस भी दें।
तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
एम्बुलेंस बुलाएं और मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या कार्डियक सेंटर ले जाएं। हार्ट अटैक में शुरुआती 10–15 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।