Health Tips: हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या फर्क है? जानिए एक्सपर्ट की राय

Health Tips: हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट दोनों ही गंभीर मेडिकल स्थितियां हैं। हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। आइए विशेषज्ञ से समझते हैं कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में असल फर्क क्या है

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 3:44 PM
Story continues below Advertisement
Health Tips: कई आदतें हैं जिससे हमारी दिल की धड़कन भी बंद हो सकती है।

हाल ही में आशा भोसले की तबीयत को लेकर सामने आई अलग-अलग खबरों ने लोगों के बीच हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को लेकर काफी कन्फ्यूजन पैदा कर दिया है। अक्सर लोग इन दोनों मेडिकल स्थितियों को एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन असल में ये दोनों अलग-अलग और बेहद गंभीर इमरजेंसी हैं। इस विषय को स्पष्ट करते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर वैभव मिश्रा ने आसान भाषा में बताया है कि दोनों में क्या अंतर होता है और ये शरीर पर कैसे असर डालते हैं। यह जानकारी इसलिए भी जरूरी हो जाती है क्योंकि गलत समझ की वजह से लोग कई बार शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

सही समय पर पहचान और तुरंत मेडिकल मदद मिलना जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए हार्ट से जुड़ी इन दोनों स्थितियों को समझना हर किसी के लिए जरूरी है।

हार्ट अटैक क्या होता है?


हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में ब्लॉकेज हो जाता है। ऐसे में दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, लेकिन दिल की धड़कन कुछ समय तक चलती रहती है और मरीज होश में भी रह सकता है।

कार्डियक अरेस्ट कितना खतरनाक है?

कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक इलेक्ट्रिकल फेलियर की वजह से काम करना बंद कर देता है। इसमें हार्ट की धड़कन रुक जाती है और मरीज को तुरंत मदद की जरूरत होती है, वरना कुछ ही मिनटों में जान का खतरा बढ़ जाता है।

कौन ज्यादा खतरनाक?

डॉक्टरों के अनुसार कार्डियक अरेस्ट को हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह बिना किसी चेतावनी के अचानक हो सकता है। कई बार इसके पहले कोई स्पष्ट संकेत भी नहीं मिलते।

इन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें

अगर अचानक व्यक्ति गिर जाए, नब्ज न मिले, सांस लेने में दिक्कत हो, सीने में दर्द या जकड़न हो और अचानक कमजोरी महसूस हो तो यह कार्डियक अरेस्ट के संकेत हो सकते हैं।

बचाव और तुरंत क्या करें?

ऐसी स्थिति में तुरंत CPR देना बेहद जरूरी होता है क्योंकि हर सेकंड कीमती होता है। साथ ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना, धूम्रपान से बचना, तनाव कम करना और नियमित नींद लेना जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Eli Lilly की नई दवा भारत में लॉन्च, जानिए कैसे करती है वजन और शुगर कंट्रोल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।