आज के दौर में हार्ट अटैक की तस्वीर तेजी से बदल रही है। पहले इसे उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह युवाओं के बीच भी तेजी से फैलती समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का बढ़ता चलन और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारण बनकर उभर रहे हैं। यही वजह है कि आजकल अचानक हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं, जो लोगों को चौंका देते हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई बार शरीर पहले से संकेत देता है, लेकिन लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती है। डॉक्टरों का मानना है कि अगर शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए सतर्क रहना और अपने शरीर के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।
दिल का दौरा अचानक नहीं आता
विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, बल्कि इसके पहले शरीर कुछ संकेत देता है। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से कुछ घंटे पहले ही लक्षण दिखने लगते हैं, जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी है।
आखिर क्यों आता है हार्ट अटैक?
जब दिल की धमनियों में ब्लॉकेज हो जाती है और दिल तक ऑक्सीजन युक्त खून नहीं पहुंच पाता, तब हार्ट अटैक होता है। ये स्थिति अक्सर धमनियों में फैट और कोलेस्ट्रॉल जमा होने से बनती है, जो ब्लड फ्लो को रोक देती है।
इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
दिल के दौरे से पहले सीने में तेज दर्द, जकड़न या दबाव महसूस हो सकता है। ये दर्द बाईं तरफ ज्यादा महसूस होता है और धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द
हाथ, गर्दन, जबड़े और पीठ में दर्द भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। कई बार यह दर्द पेट तक फैल जाता है।
छोटे-छोटे काम करते समय भी सांस फूलना या घुटन महसूस होना दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
अगर बिना किसी मेहनत के अचानक ज्यादा पसीना आने लगे, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है।
बार-बार चक्कर आना, सिर घूमना या धुंधला दिखाई देना भी हार्ट अटैक से पहले के संकेत हो सकते हैं।
समय रहते पहचान ही बचाव का सबसे बड़ा तरीका
डॉक्टरों का मानना है कि अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए और तुरंत इलाज कराया जाए, तो हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए किसी भी लक्षण को हल्के में लेने की गलती न करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।