नींद के डॉक्टर ने बता दिया दिनभर थकान फील करने का राज, क्या आपके साथ भी होता है ऐसा?

Health effects of bad sleep: आप शायद अपनी नींद के तरीके पर ज्यादा ध्यान नहीं देते होंगे। कई बार आप देर रात तक मोबाइल स्क्रॉल करते रहते हैं, जब तक आंखें खुद बंद न हो जाएं। रात में एक या दो बार नींद टूटना या सुबह अलार्म को बार-बार स्नूज़ करना भी आपकी आदत का हिस्सा बन चुका होता है

अपडेटेड Apr 22, 2026 पर 4:13 PM
Story continues below Advertisement
अगर नींद से जुड़ी ये समस्याएं बार-बार हो रही हैं, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आज की तेज रफ्तार लाइफस्टाइल में “हमेशा थका हुआ महसूस करना” लोगों के लिए आम बात बन चुकी है, लेकिन ये हर बार सामान्य नहीं होता। कई लोग सुबह उठते ही थकान महसूस करते हैं, दिनभर सुस्ती बनी रहती है या रात में बार-बार नींद टूट जाती है, जिसे वो सिर्फ व्यस्त दिनचर्या का हिस्सा मान लेते हैं। जबकि ये संकेत हो सकता है कि शरीर और दिमाग को सही और गहरी आरामदायक नींद नहीं मिल पा रही है। लगातार तनाव, गलत दिनचर्या और स्क्रीन टाइम भी नींद की क्वालिटी को प्रभावित करते हैं।

आजकल सोशल मीडिया पर कई तरह के “इंस्टेंट स्लीप हैक्स” और आसान टिप्स वायरल होते रहते हैं, जो जल्दी समाधान का दावा करते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हर तरीका हर व्यक्ति के लिए काम करे। ऐसे में अपने शरीर के संकेतों को समझना और सही लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है।

नींद पूरी होने के बाद भी थकान क्यों?


अगर आप 7-8 घंटे सोने के बाद भी थके हुए महसूस करते हैं, तो ये सिर्फ “बिजी लाइफ” की वजह नहीं हो सकती। नींद विशेषज्ञों के अनुसार ये शरीर के लगातार स्ट्रेस में रहने का संकेत हो सकता है। ऐसे में नींद गहरी नहीं होती और शरीर पूरी तरह रिचार्ज नहीं हो पाता।

जल्दी सो जाना भी हमेशा अच्छी बात नहीं

अगर आप बिस्तर पर जाते ही तुरंत सो जाते हैं, तो ये कई बार नींद की कमी का संकेत होता है। इसका मतलब है कि शरीर पहले से ही बहुत ज्यादा थक चुका है और उसे रेस्ट की सख्त जरूरत है।

रात में मोबाइल स्क्रॉल करना बिगाड़ रहा है नींद

थकान के बावजूद देर रात तक मोबाइल चलाना या सोशल मीडिया देखना एक आम आदत बन चुकी है। ये दिमाग को एक्टिव रखता है और नींद आने में दिक्कत पैदा करता है, जिससे नींद की क्वालिटी खराब हो जाती है।

रात में अचानक पसीना और बेचैनी

कई लोगों को रात के समय अचानक पसीना आना या नींद टूट जाना भी होता है। ये शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने का संकेत हो सकता है, जो दिमाग को आराम नहीं करने देता।

सोते समय दिमाग का लगातार चलना

सोते वक्त अगर बार-बार विचार आने लगते हैं या दिमाग शांत नहीं होता, तो इसका मतलब है कि दिनभर का तनाव सही तरीके से रिलीज नहीं हुआ है। ये भी खराब नींद की बड़ी वजह बन सकता है।

दिन में थकान और रात में एनर्जी

कुछ लोग पूरे दिन सुस्त रहते हैं लेकिन रात में अचानक एनर्जेटिक महसूस करने लगते हैं। ये शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ने का संकेत हो सकता है, जो लाइफस्टाइल और स्क्रीन टाइम से प्रभावित होती है।

नींद के संकेतों को समझना जरूरी

अगर नींद से जुड़ी ये समस्याएं बार-बार हो रही हैं, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही डेली रूटीन, कम स्क्रीन टाइम और स्ट्रेस मैनेजमेंट से नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाया जा सकता है और शरीर को असली आराम मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

सेहत के साथ जेब पर भी बढ़ते वजन का बोझ, इससे कैसे मिलेगा छुटकारा? जानिए एक्सपर्ट से

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।