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6 दिन के मेगा हेल्थ कैंप से गाजीपुर पहुंचीं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं, डॉक्टरों की 35000 मरीजों की जांच और 346 सर्जरियां की गईं

यूपी के पूर्वी जिले गाजीपुर में 6 दिनों का मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई गईं। इस हेल्थ कैंप में डॉक्टरों में 35000 से अधिक मरीज देखे और 346 सर्जरियां कीं। कैंप का उद्घाटन 26 सितंबर को किया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 03, 2026 पर 5:24 PM
6 दिन के मेगा हेल्थ कैंप से गाजीपुर पहुंचीं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं, डॉक्टरों की 35000 मरीजों की जांच और 346 सर्जरियां की गईं
गाजीपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत 6 दिन का एक मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किया गया था।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के ग्रामीणों को हाल ही में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का अनुभव प्राप्त हुआ। इससे पहले इन्हें अव्वल दर्जे की स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर सेवाएं पाने के लिए वाराणसी या लखनऊ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन छह दिनों तक ऐसी कई सेवाओं का लाभ उन्हें अपने ही जिले में पाने का मौका मिला। यह अवसर उन्हें जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एक मेगा हेल्थ कैंप के जरिए मिला।

यह 6 दिनों का था, जिसका उद्घाटन 26 सितंबर को राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। इस कैंप में 35,200 मरीजों ने चेकअप कराया और 346 सर्जरी की गईं। इसमें ऐसे मुश्किल प्रोसीजर भी शामिल थे जिनके लिए आम तौर पर मरीजों को जिले से बाहर जाना पड़ता है। युवा बीजेपी नेता अभिनव सिन्हा के नेतृत्व में इस कैंप का आयोजन किया गया था। इसमें ओपीडी सेवा 28 सितंबर तक चलीं, जिसके बाद 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सर्जरी हुईं।

इस पहल की खास बात यह थी कि एक ही जगह पर इतनी बड़ी मात्रा में स्पेशलिस्ट केयर उपलब्ध थी। इसमें 498 डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स की टीम ने हिस्सा लिया, जिसमें AIIMS दिल्ली, जसलोक हॉस्पिटल मुंबई, अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली और हेरिटेज हॉस्पिटल वाराणसी से जुड़े स्पेशलिस्ट शामिल थे। मरीजों को कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से लेकर ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, डर्मेटोलॉजी, यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी तक 15 विशेषज्ञ सेवाएं मिलीं। तीन दिन के ओपीडी फेज के दौरान, 35,828 लैब टेस्ट भी किए गए। कैंप में 346 सर्जरी हुईं, जिसमें 140 आंखों की सर्जरी और 206 दूसरे प्रोसीजर शामिल थे। इनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े 22 बड़े मुश्किल केस थे।

जनरल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और न्यूरोलॉजी में कुल मिलाकर 21,120 मरीज आए - जो OPD में आने वालों का 60% है। बाकी 11 स्पेशलिटी OPD में और 14,080 मरीजों का इलाज किया गया। इस बड़े मेडिकल ऑपरेशन में 350 से ज्यादा वॉलंटियर्स ने मदद की, जिन्हें “गाजीपुर के स्वस्थ योद्धा” कहा गया, जिन्होंने मरीजों को रजिस्ट्रेशन, नेविगेशन और जगह पर देखभाल में मदद की। मेडिकल टीम में फैकल्टी और कंसल्टेंट, रेजिडेंट, इंटर्न, नर्स, पैरामेडिक्स और फार्मासिस्ट शामिल थे।

आयोजनकर्ता अभिनव सिन्हा ने कहा कि इस कैंप का मकसद अच्छी हेल्थकेयर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में लोगों तक, बिना उन्हें लंबी दूरी तय किए पहुंचाना था। इस पहल को 2026 में उत्तर प्रदेश में आयोजित सबसे बड़ा हेल्थ कैंप बताया, और कहा कि इस मॉडल को राज्य में कहीं और भी दोहराया जा सकता है। गाजीपुर से बड़ी बात यह है कि सिर्फ छह दिनों में, एक अस्थायी हेल्थकेयर इकोसिस्टम ने कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, स्पेशलिस्ट ट्रीटमेंट और सर्जरी को एक ही जगह पर ला दिया — जिससे हेल्थकेयर को मरीजों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया गया, न कि मरीज़ों को हेल्थकेयर सेंटर जाने पर।

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