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60% Free Seat Selection: सरकार के फैसले के विरोध में Air India, Indigo, SpiceJet; कहा- बढ़ाना पड़ेगा हवाई किराया

60% Free Seat Selection: FIA ने आगे कहा कि सीट चुनने की फीस एयरलाइन की कमाई का एक जायज हिस्सा है, खासकर ऐसे माहौल में जहां लागत बहुत ज्यादा है। किराया बढ़ने पर उन यात्रियों को भी अधिक किराया देना होगा, जो शायद सीटों का पहले से चयन नहीं करना चाहते हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 21, 2026 पर 11:54 AM
60% Free Seat Selection: सरकार के फैसले के विरोध में Air India, Indigo, SpiceJet; कहा- बढ़ाना पड़ेगा हवाई किराया
FIA ने नागर विमानन मंत्रालय से इस फैसले को वापस लेने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।

विमानन कंपनियों इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने फ्लाइट्स में कम से कम 60 प्रतिशत सीटों के चयन के लिए कोई फीस न लेने के सरकार के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। इन एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से उनके रेवेन्यू को नुकसान होगा, जिसकी भरपाई के लिए उन्हें हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। इन तीनों एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागर विमानन मंत्रालय से इस फैसले को वापस लेने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।

मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि DGCA को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह एयरलाइंस को किसी भी उड़ान में चयन के लिए मिनिमम 60 प्रतिशत सीटें निःशुल्क अलोकेट करने का निर्देश दे। दरअसल इस बात को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं कि एयरलाइन अलग-अलग सर्विसेज, जिनमें सीट चुनना भी शामिल है, के लिए बहुत ज्यादा चार्ज वसूल रही हैं। नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा को लिखे लेटर में FIA ने कहा कि सरकार के निर्देश के विमानन क्षेत्र के लिए अनपेक्षित और प्रतिकूल परिणाम होंगे।

FIA ने कहा, 'एयरलाइंस पर इस निर्देश का वित्तीय तौर पर बड़ा असर होगा, जिससे उन्हें रेवेन्यू में नुकसान की भरपाई के लिए हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। ऐसे में सीट चुनने वाले यात्रियों के साथ-साथ उन यात्रियों को भी अधिक किराया देना होगा, जो शायद सीटों का पहले से चयन नहीं करना चाहते हैं।

सीट चुनने की फीस एयरलाइन की कमाई का एक जायज हिस्सा

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