
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की पत्नी अनीता सिंह ने तेजस एक्सप्रेस में परोसे गए खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में ट्रेन के खाने की तस्वीर शेयर करते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि तेजस एक्सप्रेस में दिया गया खाना बेहद खराब था, रोटी इतनी सख्त थी जैसे पापड़, पनीर बासी लग रहा था और दाल की जगह सिर्फ पानी दिया गया। अनीता सिंह ने इस सेवा को "विश्वस्तरीय" कहे जाने पर भी तंज कसा और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए कहा कि यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ बंद किया जाए। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर रेलवे के खाने को लेकर बहस छिड़ गई है।
तेजस मे ंखाने को लेकर उठे सवाल
IRCTC ने तेजस एक्सप्रेस में परोसे गए खाने को लेकर अनीता सिंह की शिकायत पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उनकी चिंता को स्वीकारते हुए अपने सर्विस का पक्ष भी रखा। IRCTC ने कहा कि ट्रेन में परोसे जाने वाले भोजन की क्वालिटी पहले से जांची जाती है और उस दिन जिस कोच में अनीता सिंह यात्रा कर रही थीं, वहां किसी और यात्री ने खाने को लेकर कोई शिकायत नहीं की। बल्कि, कुछ यात्रियों ने खाने की तारीफ भी की। बयान में यह भी बताया गया कि ऑन-बोर्ड स्टाफ ने अनीता सिंह को खाने के बदले दूसरा मील देने की पेशकश की थी। फिर भी, उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अब खाने की क्वालिटी पर नजर रखने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया गया है, ताकि आगे से ऐसे मामलों से बचा जा सके और सभी मानकों का ठीक से पालन हो।
आप सांसद की पत्नी ने की शिकायत
अनीता सिंह के इस शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर एक अलग बहस देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि रेलवे ने अनीता सिंह की जायज आलोचना को गंभीरता से लेने के बजाय उसे नजरअंदाज किया और असली समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। बहुत से लोगों ने अनीता सिंह का समर्थन किया और अपने अनुभव भी साझा किए, जिसमें अन्य प्रीमियम ट्रेनों में भी खाने की खराब गुणवत्ता और पेंट्री स्टाफ के बर्ताव को लेकर शिकायतें शामिल थीं। एक यूजर ने लिखा, "रेलवे का जवाब निराशाजनक है। यह पहली बार नहीं है जब खाने की गुणवत्ता, अव्यवस्था और पेंट्री कर्मचारियों के खराब व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं। विक्रेता पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
एक और यूज़र ने लिखा, "आईआरसीटीसी अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता। मैंने हाल ही में भोपाल शताब्दी में सफर किया और वही अनुभव हुआ। लोग अब शिकायत भी नहीं करते क्योंकि उन्हें पता है कि कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" एक और यूजर ने कह, "ऐसा लग रहा है जैसे आईआरसीटीसी शिकायतों से बचने के लिए उन्हें ही नकार रहा है। यह कोई समाधान नहीं है।" वहीं एक यूजर ने जोड़ा, "सिर्फ इसलिए कि किसी और ने शिकायत नहीं की, इसका मतलब यह नहीं कि खाना ठीक है। मैंने तो अब पेंट्री का खाना खाना ही बंद कर दिया है, क्योंकि वह हेल्दी नहीं होता है।"
यह पहली बार नहीं है जब यात्रियों ने भारतीय ट्रेनों, खासकर तेजस एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी को लेकर चिंता जताई है। कई लोगों ने अनीता सिंह की बातों से सहमति जताई और अपने अनुभव भी साझा किए। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि कुछ व्यक्तिगत शिकायतों के आधार पर रेलवे की अब तक की तरक्की को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी, खाने की क्वालिटी को लेकर बार-बार उठ रही शिकायतें यह दिखाती हैं कि सेवा में सुधार की अभी भी जरूरत है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।