Abdul Rahman killed: हरियाणा के फरीदाबाद जिले की नीमका जेल में बंद आतंकवादी अब्दुल रहमान की कारागार के अंदर ही झड़प के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हाल में जम्मू-कश्मीर से इस जेल में शिफ्ट किए गए अरुण चौधरी नाम के एक कैदी ने रहमान की कथित तौर पर हत्या की। जेल में रविवार (8 फरवरी) रात दो कैदियों के बीच विवाद होने के बाद यह घटना हुई। जम्मू-कश्मीर निवासी चौधरी ने रहमान पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों कैदियों के बीच हुई झड़प के घटनाक्रम का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। 20 साल के आतंकी अब्दुल को गुजरात ATS ने मार्च 2025 में गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकवादी अबू सूफियान के संपर्क में था। आतंकी ने अयोध्या में राम मंदिर को उड़ाने की साजिश रची थी।
अरुण चौधरी ने की रहमान की हत्या
अधिकारियों के मुताबिक, अयोध्या के मिल्कीपुर का रहने वाला अब्दुल रहमान पर अरुण चौधरी ने हमला किया। उसे कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर से नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। उन्होंने बताया कि रहमान की मौत रविवार देर रात हुई। लेकिन उन्हें इसकी जानकारी सोमवार (9 फरवरी) सुबह मिली।
जैसे ही हमले की जानकारी मिली जेल अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। फिर रहमान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। मिल्कीपुर के रहने वाला रहमान 2025 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद था।
हरियाणा और गुजरात पुलिस ने किया था गिरफ्तार
आतंकी रहमान को गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और हरियाणा पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक जॉइंट टीम ने फरीदाबाद के पास पाली गांव से गिरफ्तार किया था। रहमान के खिलाफ फरीदाबाद के डबुआ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी।
आतंकी की गिरफ्तारी के समय अधिकारियों ने बताया था कि रहमान अयोध्या में विस्फोट को अंजाम देने की साजिश में शामिल था। STF के एक अधिकारी ने बताया कि उसके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की आशंका है। सूत्रों ने बताया कि हरियाणा STF को सूचना मिली थी कि एक 'स्लीपर सेल' रहमान की सहायता कर रहा होगा, क्योंकि वे उसे हथगोला मुहैया करा रहे थे।
हालांकि, रहमान के माता-पिता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वह किसी भी आतंकी गतिविधि में शामिल नहीं था। 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी रहमान पर अयोध्या में हमला करने की साजिश रचने और राम मंदिर में ग्रेनेड से धमाका करने की कोशिश करने का आरोप था।