अहमदाबाद में प्लेन क्रैश के 24 घंटे बीत चुके हैं। मन एक ही सवाल बार-बार पूछ रहा है कि आखिर इस हादसे की वजह क्या रही होगी? क्या यह हादसा होने से रोका जा सकता था? लोग तरह-तरह की थ्योरी दे रहे हैं। कुछ का मानना है कि अगर व्हीसलब्लोअर सैम सालेहपोर की बात मान ली गई होती तो शायद 241 लोगों की जान बच सकती थी। कौन है यह सैम सालेहपोर? उन्होंने आखिर कौन सी बात बताई थी, जिसे मान लेने पर यह हादसा रुक सकता था?
Sam Salehpour एक इंजीनियर हैं। वह Boeing में काम चुके हैं। उन्होंने 2024 में ही बोइग के दो सबसे बड़े जहाजों 777 और 787 ड्रीमलाइनर्स के बारे में आगाह कर दिया था। उनका कहना था कि इन दोनों जहाजों के प्रोडक्शन में कंपनी जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी कर रही है। New York Times और CNN को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ऐसी कई बातें बताई थीं, जिन्हें अगर गंभीरता से लिया गया होता तो 12 जून को अहमदबाद में हुआ हादसा नहीं होता।
उन्होंने कहा था कि Boeing 777 और 787 की एसेंबली में सही तरीके का इस्तेमाल नहीं कर रही है। इन विमानों का प्रोडक्शन जल्दबाजी में किया जा रहा है। इसके घातक नतीजें हो सकते हैं। उन्होंने 777 और 787 ड्रीमलाइनर्स की मैन्युफैक्चरिंग में क्वालिटी से जुड़े मसलों के बारे में भी चेतावनी दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने जनवरी 2024 में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) से भी इस बारे में शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि बोइंग इन दोनों मॉडल के जहाजों को बनाने में शॉर्टकट्स का इस्तेमाल कर रही है। इससे सेफ्टी को लेकर बड़ा रिस्क हो सकता है।
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सैम ने 777-787 को हवा में उडने वाला टाइम बम क्यों कहा था?
Sam Salehpour ने बताया था कि दोनों विमानों के प्रोडक्शन में खामियों के बारे में बताने पर कंपनी उनसे चिढ़ गई, जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने 787 सीरीज के विमानों में Faulty Drilling के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कंपनी की तरफ से उन कामों को भी हरी झंडी देने के लिए दबाव बनाया जाता है, जिनकी जांच जरूरी है। उन्होंने कई दूसरी कमियों के बारे में भी दुनिया को बताया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि हवा में उड़ने वाले ये विमान एक टाइम बम जैसे हैं, जो कभी भी फट सकता है।