Air India में 'ट्रैवल पॉलिसी' का भारी दुरुपयोग! 4,000 से अधिक एयर इंडिया कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई

Air India travel policy: सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया को अपनी 'लीज़र ट्रैवल पॉलिसी' के इस्तेमाल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिली हैं। इसमें 4,000 से ज़्यादा कर्मचारी शामिल हैं। एयरलाइन ने अब सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिसमें दोषी कर्मचारियों पर जुर्माना लगाना भी शामिल है

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 4:31 PM
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Air India travel policy: लीव ट्रैवल कंसेशन को लेकर 4,000 से अधिक एयर इंडिया कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है

Air India travel policy: एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिए निर्धारित लीव ट्रैवल कंसेशन (Leave Travel Concession- LTC) के उपयोग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में Air India के 4,000 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। एयरलाइन ने दोषी कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने सहित सुधारात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। टाटा ग्रुप ने जनवरी, 2022 में घाटे में चल रही एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। इस समय एयरलाइन एक महत्वाकांक्षी परिवर्तन योजना को लागू कर रही है। एयर इंडिया में कुल 24,000 से अधिक कर्मचारी हैं।

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि एयर इंडिया की LTC नीति के उपयोग में बड़ी गड़बड़ियों का पता एक विस्तृत आंतरिक जांच के बाद चला। ईएलटी नीति के तहत कर्मचारियों और उनके द्वारा नामित व्यक्तियों (जैसे जीवनसाथी और माता-पिता) को एक निश्चित संख्या में मुफ्त हवाई टिकट दिए जाते हैं। यह सुविधा कुछ शर्तों के अधीन होती है।

सूत्रों ने बताया कि कई कर्मचारियों ने उन लोगों को अपना रिश्तेदार बताकर इस नीति का दुरुपयोग किया। इनसे उनका कोई संबंध नहीं था। कुछ मामलों में तो कर्मचारियों ने मुफ्त टिकट लेकर उन्हें ऊंचे दामों पर बाहरी लोगों को बेच दिया। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया के लिए एयर इंडिया को भेजे गए विस्तृत सवालों का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है।


एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि 4,000 से अधिक कर्मचारियों को ईएलटी नीति का दुरुपयोग करते पाया गया है। उल्लंघन के ये मामले पिछले वित्त वर्ष से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस दुरुपयोग के कारण हुए कुल वित्तीय नुकसान और सटीक समय अवधि का पता नहीं चल सका है।

एयर इंडिया ने इस दिशा में सुधारात्मक कदम उठाते हुए संबंधित कर्मचारियों से धोखाधड़ी के जरिए ली गई राशि वापस करने को कहा है। इसके साथ ही कई दोषी कर्मचारियों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। सूत्रों ने कहा कि ऐसा लगता है कि अलग-अलग स्तरों पर लापरवाही हुई है।

यह पूरा मामला नैतिकता और आचरण पर सवाल खड़े करता है। एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि जिन्होंने पॉलिसी का गलत इस्तेमाल किया था उसमें से ज्यादातर कर्मचारी एयरलाइन में निजीकरण के बाद शामिल हुए थे। सूत्रों ने बताया कि इन धोखाधड़ी वाली हरकतों के चलते एयर इंडिया ने ELT पॉलिसी के तहत मिलने वाले फायदों को लेने के लिए जरूरी शर्तों को और सख्त कर दिया है।

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पॉलिसी के फायदे लेने के लिए कर्मचारी को कंपनी को नॉमिनी की जानकारी के साथ-साथ रिश्ते का सबूत भी देना होगा। एक वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों को कुल 14 हवाई यात्राएं या आने-जाने के टिकट दिए जाते हैं। इसमें ओपन-जॉ टिकट भी शामिल हो सकते हैं। ओपन-जॉ टिकट का मतलब है ऐसी फ्लाइट के लिए टिकट बुक करना, जो शुरुआती जगह से अलग किसी दूसरी जगह से शुरू होती है।

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