महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को प्लेन क्रैश में निधन हो गया। अधिकारियों के अनुसार, विमार हादसा इतना भीषण था कि पीड़ितों के शव पहचान से परे हो गए थे। उनकी पहचान कपड़ों और दूसरे व्यक्तिगत सामानों की मदद से की गई। बताय जा रहा है कि अजित पवार की पहचान उनकी घड़ी हुई, जो उन्होंने अपने हाथ में पहनी थी। 28 जनवरी 2026 की सुबह हुए इस हादसे में, जब बचाव दल दुर्घटना स्थल पर पहुंचा, तो वहां मिले अवशेषों में से एक हाथ में बंधी घड़ी और उसके खास बेल्ट (Strap) को देखकर अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह शव अजित पवार का है। बाद में उनके परिवार और सुरक्षाकर्मियों ने भी उस विशिष्ट घड़ी को पहचान लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विमान के क्रैश होते ही एक जोरदार आवाज सुनाई दी और वह आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे बचाव कार्य में भी रुकावट आई, क्योंकि आग ने विमान को कम से कम 20 मिनट तक अपनी चपेट में रखा।
अजित पवार का शव कुछ मिनटों बाद स्थानीय लोगों को मिला, जिन्होंने उसे कंबल से ढक दिया। प्रोटोकॉल के अनुसार हवाई अड्डे पर एक एम्बुलेंस तैनात थी, जिसने दुर्घटना में घायल सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
एक चश्मदीद ने बताया, “पहली बार हमारे घर के ऊपर से एक विमान गुजरा। मैं भैंसों के साथ था। सुबह करीब 8:45 बजे का समय था। उसके बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और एक जोरदार धमाका हुआ। विमान रनवे तक भी नहीं पहुंच पाया। धमाका देखकर हम डर गए। हम बाल्टियों में पानी भरकर भागे। वहां कुछ शव बिखरे पड़े थे, जिन्हें हमने कंबलों से ढक दिया और हम बहुत घबराए हुए थे।”
पवार जिला परिषद चुनाव से पहले एक जनसभा को संबोधित करने के लिए बारामती जा रहे थे। पवार जिस लीयरजेट 45 विमान में यात्रा कर रहे थे, उसे सुबह 7:00 बजे उड़ान भरनी थी। लेकिन विमान ने सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दुर्घटना की सूचना सुबह 9:12 बजे मिली।
सूत्रों के अनुसार, विमान में अजित पवार, कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शम्भावी पथ, विदिप जाधव और पिंकी माली सवार थे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि विमान में छह लोग सवार थे।