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Al Falah University: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, फर्जीवाड़े मामले में UGC ने की थी शिकायत

Jawad Ahmed Siddiqui Arrested: दिल्ली में हुए धमाके के बाद क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की शिकायत पर दर्ज दो FIR के आधार पर अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जवाद को ED ने गिरफ्तार किया था

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 9:04 AM
Al Falah University: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, फर्जीवाड़े मामले में UGC ने की थी शिकायत
Jawad Ahmed Siddiqui Arrested: जवाद अहमद सिद्दीकी को धोखाधड़ी और गड़बड़ियों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है

Jawad Ahmed Siddiqui Arrested: दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी कथित धोखाधड़ी और गड़बड़ियों से जुड़े एक मामले में हुई है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने क्राइम ब्रांच को चार दिन की पुलिस रिमांड दे दी।

एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने गुरुवार (5 फरवरी) को धोखाधड़ी और अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कार्यवाही शुरू करने के बाद दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी के कामकाज से संबंधित कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी के संबंध में मामले दर्ज किए थे।

एक अधिकारी ने बताया कि सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और UGC की शिकायतों के बाद हुई है। UGC की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने सिद्दीकी के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज कीं। इसमें उन पर धोखाधड़ी और संबंधित अपराधों का आरोप लगाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला कथित अनियमितताओं और जालसाजी से जुड़ा है। पूछताछ के दौरान और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। यूनिवर्सिटी तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आई थी जब यह पता चला था कि लाल किले ब्लास्ट केस में दोषी डॉ. उमर नबी उसी संस्थान में काम करता था। उसके दो साथी डॉ. मुज़म्मिल शकील और डॉ. शाहीन शाहिद भी यूनिवर्सिटी में काम करते पाए गए थे।

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