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'फर्जी' मरीज और जाली मान्यताएं! अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 'धोखाधड़ी' की पूरी कहानी

ED ने 493 करोड़ रुपए के बड़े वित्तीय घोटाले का भी पर्दाफाश किया। सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने हजारों छात्रों व उनके माता-पिता को झूठे वादों से फीस वसूली। NAAC मान्यता और UGC की सेक्शन 12(B) का झूठा दावा किया। बाद में उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट की गलती थी, लेकिन सबूत मिले कि इस झूठ को सिर्फ मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल किया

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 10:06 PM
'फर्जी' मरीज और जाली मान्यताएं! अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 'धोखाधड़ी' की पूरी कहानी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी और चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी के 'धोखाधड़ी' की पूरी कहानी!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उसके चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ कई बड़े आरोप लगाए हैं। यह संस्थागत धोखाधड़ी का पूरा मामला है। ईडी की 260 पेज की चार्जशीट में अहम बात यह है कि यूनिवर्सिटी ने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में नकली मरीजों को "भर्ती" किया। यह नाटक मेडिकल इंस्पेक्टर को बेवकूफ बनाने के लिए था। ताकि उन्हें लगे कि अस्पताल में काफी मरीज और जरूरी सुविधाएं हैं। इससे मेडिकल डिग्री की मान्यता बनी रहे।

ED ने 493 करोड़ रुपए के बड़े वित्तीय घोटाले का भी पर्दाफाश किया। सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने हजारों छात्रों व उनके माता-पिता को झूठे वादों से फीस वसूली। NAAC मान्यता और UGC की सेक्शन 12(B) का झूठा दावा किया। बाद में उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट की गलती थी, लेकिन सबूत मिले कि इस झूठ को सिर्फ मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल किया।

आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

फरीदाबाद कैंपस में "व्हाइट-कॉलर" आतंकी सेल चल रहा था। NIA ने पाया कि 10 नवंबर 2025 के लाल किला धमाके का सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उन नबी इसी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं हुई थी।

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