प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उसके चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ कई बड़े आरोप लगाए हैं। यह संस्थागत धोखाधड़ी का पूरा मामला है। ईडी की 260 पेज की चार्जशीट में अहम बात यह है कि यूनिवर्सिटी ने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में नकली मरीजों को "भर्ती" किया। यह नाटक मेडिकल इंस्पेक्टर को बेवकूफ बनाने के लिए था। ताकि उन्हें लगे कि अस्पताल में काफी मरीज और जरूरी सुविधाएं हैं। इससे मेडिकल डिग्री की मान्यता बनी रहे।
