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इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पत्नी की वजह से पति कमाने में असमर्थ तो नहीं मिलेगा भरण-पोषण

Allahabad High Court verdict: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यदि किसी महिला के कार्यों या लापरवाही के कारण उसके पति की आय अर्जित करने की क्षमता समाप्त हो जाती है, तो वह उससे भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jan 24, 2026 पर 11:50 AM
इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पत्नी की वजह से पति कमाने में असमर्थ तो नहीं मिलेगा भरण-पोषण
पत्नी की वजह से पति कमाने लायक न रहे तो भरण-पोषण नहीं मिलेगा: इलाहाबाद HC

Allahabad High Court verdict: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यदि किसी महिला के कार्यों या लापरवाही के कारण उसके पति की आय अर्जित करने की क्षमता समाप्त हो जाती है, तो वह उससे भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती। यह फैसला जस्टिस लक्ष्मीकांत शुक्ला ने तब सुनाया जब उन्होंने एक महिला की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।

अपने फैसले में जस्टिस लक्ष्मीकांत शुक्ला ने कहा, "भारतीय समाज में आम तौर पर पति से परिवार का भरण-पोषण करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यह मामला अनूठी परिस्थितियों को दर्शाता है।"

हालांकि, इस मामले में महिला के पति, डॉ. वेद प्रकाश सिंह, जो एक होम्योपैथिक चिकित्सक हैं, और अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम थे। लेकिन, उन्ही के क्लिनिक में पत्नी के भाई और पिता द्वारा किए गए झगड़े के दौरान गोली लगने से उनकी आजीविका छिन गई।

कोर्ट ने कहा, सिंह की रीढ़ की हड्डी में अभी भी एक गोली फंसी हुई है, जिसे निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी में लकवा होने का खतरा बहुत अधिक है, जिसके कारण वे आराम से बैठ नहीं सकते और न ही नौकरी कर सकते हैं।

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