Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत का बड़ा कदम, एस. जयशंकर ने सऊदी और UAE के विदेश मंत्रियों से की बात

यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के ताजा घटनाक्रम और उसके पूरे क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर हुई। एस. जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं के साथ हुई चर्चा में मौजूदा स्थिति और आगे इसके संभावित प्रभावों पर विचार साझा किए गए। इससे पहले 12 मार्च को जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से भी फोन पर बात की थी

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 9:41 PM
Story continues below Advertisement
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों से संपर्क में हैं।

अमेरिका-ईरान जंग और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों से संपर्क में हैं। वहीं रविवार को उन्होंने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और यूएई के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद से बातचीत की। इस दौरान क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात और मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

एस.जयशंकर ने की बात

यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के ताजा घटनाक्रम और उसके पूरे क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर हुई। एस. जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं के साथ हुई चर्चा में मौजूदा स्थिति और आगे इसके संभावित प्रभावों पर विचार साझा किए गए। इससे पहले 12 मार्च को जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से भी फोन पर बात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति के साथ-साथ भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों की भी समीक्षा की गई।


जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से बात करके खुशी हुई। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर विचार साझा किए। साथ ही दोनों देशों के आपसी संबंधों पर भी चर्चा हुई और जल्द ही जॉइंट कमीशन की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।” वहीं सुगियोनो ने भी इस बातचीत को उपयोगी बताया और भारत तथा इंडोनेशिया के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच लगातार हो रही बात

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “हम अगली जॉइंट कमीशन मीटिंग में आपसी सहयोग को और बढ़ाने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर करीबी समन्वय बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। यह बैठक दोनों देशों की सुविधा के अनुसार जल्द ही आयोजित की जाएगी।” इस बीच एस. जयशंकर ने इस हफ्ते ईरान, रूस, जर्मनी और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों से भी बातचीत की है, क्योंकि ईरान और अमेरिका-इज़राइल गठबंधन के बीच बढ़ते तनाव को लेकर कूटनीतिक स्तर पर लगातार चर्चा चल रही है।

बता दे कि मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाए जाने के बाद तेल और गैस की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह संकरा समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया में भेजे जाने वाले तेल व लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का करीब 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।