Anant Singh Bail: बिहार के मोकामा से बाहुबली जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में गुरुवार (19 मार्च) को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधायक अनंत सिंह के जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। हाला ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जेल से आकर वोट दिया था। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि वह जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। साथ ही यह भी कहा था कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे राजनीति करेंगे। बाहुबली विधायक फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद हैं।
जानकारी के अनुसार, अगले 48 घंटों में सिंह के जेल से रिहा होने की उम्मीद है। यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा में चुनावी प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के एक समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे पहले निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अक्टूबर 2025 में जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया है। चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या मामले में अनंत सिंह गिरफ्तार हुए। फिर वह जेल में रहते हुए चुनाव लड़ा और विजयी हुए। निचली अदालतों से अनंत सिंह की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। इसके बाद अनंत सिंह ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
गुरुवार को हाईकोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत मंजूर कर ली। अनंत सिंह पहले भी कह चुके थे कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, तो वे सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे। 16 मार्च 2026 को बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी। इसमें अनंत सिंह ने जेल से आकर JDU उम्मीदवार नीतीश कुमार को वोट दिया था। मतदान के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीति में अगली जिम्मेदारी उनके बड़े बेटे निभाएंगे। साथ ही उन्होंने मीडिया से कहा था कि जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। राज्यसभा चुनाव से पहले भी अनंत सिंह जेल से बाहर आए थे। बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। अदालत द्वारा अनंत सिंह को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की इजाजत दी गई थी। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अनंत सिंह वोट डालने विधानसभा पहुंचे थे।