आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भारत की जनसंख्या और उससे देश को होने वाले फायदे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि भारत का ग्लोबल पावर बनना तय है, बशर्ते देश की आबादी, ज्ञान और टैलेंट पारंपरिक मूल्यों और राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ मिलकर आगे बढ़ें। मोहन भागवत के विचारों से सहमति जताते हुए नायडू ने सुझाव दिया कि जनसंख्या में संतुलन बनाए रखने और देश को मजबूत बनाने के लिए दंपतियों के तीन बच्चे होने चाहिए।
हर परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए...
इंडियन सांइस कांग्रेस में बोलते हुए नायडू ने कहा कि अगर भारत की आबादी, ज्ञान और टैलेंट को देश के पारंपरिक मूल्य और राष्ट्रीय प्राथमिकताएं दिशा दें, तो भारत को वैश्विक ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने 1961 में स्थापित राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की भी सराहना की और कहा कि यह संस्थान भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने, भारतीयता और सभ्यता की भावना पर गर्व के साथ चर्चा करने का एक अहम मंच है।
नायडू ने कहा कि ज्ञान के क्षेत्र में भारत की भूमिका प्राचीन समय से ही बेहद मजबूत रही है। उन्होंने बताया कि करीब 4,500 साल पहले हड़प्पा सभ्यता में बेहतर शहरी नियोजन देखने को मिला था। इसके अलावा, हजारों साल पहले योग और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में आध्यात्मिक और चिकित्सा ज्ञान का विकास हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि खगोल विज्ञान, गणित, चिकित्सा और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में तक्षशीला यूनिवर्सिटी और नालांदा यूनिवर्सिटी जैसे शिक्षा केंद्रों का बड़ा योगदान रहा है, जिन्होंने दुनिया को भारत की बौद्धिक ताकत से परिचित कराया।
मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रवासियों की ऊंची प्रति व्यक्ति आय और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति को देश के बड़े रणनीतिक फायदे बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि 1991 के आर्थिक सुधारों से मिली रफ्तार के दम पर भारत जल्द ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा और साल 2047 तक सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करेगा।
इसके अलावा चंद्रबाबू नायडू ने राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का समर्थन करते हुए गंगा–कावेरी परियोजना को “देश का लंबे समय से देखा गया सपना” बताया। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा हासिल करने के लिए यह परियोजना बेहद जरूरी है। नायडू ने राज्यों से आपसी सहयोग और सद्भावना के साथ इन योजनाओं को लागू करने की अपील की। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि जल सुरक्षा पीएम नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नायडू के मुताबिक, अगर देश में जल सुरक्षा सुनिश्चित होती है तो इससे कृषि, उद्योग और पूरे देश के विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (NRLP) के तहत आने वाली गंगा–कावेरी योजना का मकसद पूरे देश में पानी की उपलब्धता बेहतर करना, राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाना और कृषि व उद्योग को मजबूती देना है। यह परियोजना टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ लंबे समय से चले आ रहे राष्ट्रीय विकास के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।