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होटल की 'स्पेशल सर्विस' के नाम पर मर्डर, नहर में मिली लाश...अंकिता भंडारी मर्डर केस की पूरी कहानी

Ankita Bhandari Murder Case: 18 सितंबर 2022 की शाम को तीन आरोपी अंकिता को बहाने से ऋषिकेश ले गए। रात के समय, लौटते वक्त चीला नहर के पास गाड़ी रोकी गई। वहां तीनों आरोपियों ने शराब पी और फिर अंकिता के साथ बहस करने लगे। उसने रिसॉर्ट में चल रहे गलत काम का विरोध किया, जिससे गुस्से में आकर पुलकित ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर अंकिता को नहर में धकेल दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड May 31, 2025 पर 6:13 PM
होटल की 'स्पेशल सर्विस' के नाम पर मर्डर, नहर में मिली लाश...अंकिता भंडारी मर्डर केस की पूरी कहानी
Ankita Murder Case: अंकिता भंडारी की हत्या ने उत्तराखंड को हिलाकर रख दिया

Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में शुक्रवार को कोर्ट का फैसला आया। 19 साल की अंकिता की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों को एक स्थानीय अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसमें एक भाजपा नेता का बेटा भी शामिल है। हालांकि, अंकिता के परिवार का कहना है कि उन्हें अभी भी पूरा न्याय नहीं मिला है।

कोटद्वार की एक अदालत ने शुक्रवार को भाजपा से निष्कासित नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को रिसॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर और सहायक मैनेजर अंकित गुप्ता के साथ अंकिता की हत्या का दोषी ठहराया। यह घटना यमकेश्वर के वनतंत्रा रिसॉर्ट की है, जहां अंकिता रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। कोर्ट ने पुलकित आर्य पर 72,000 रुपये और बाकी दोनों दोषियों पर 62,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के बाद अंकिता की मां, सोनी देवी ने कहा कि उन्हें इस फैसले से कुछ राहत जरूर मिली है लेकिन यह पूरी तरह न्याय नहीं है। उनकी आंखों में आंसू थे जब उन्होंने कहा, "अब भी बड़ी लड़ाई बाकी है। यह दर्द सिर्फ एक मां ही समझ सकती है। जब तक इन लोगों को फांसी की सजा नहीं मिलती, मैं चैन से नहीं बैठूंगी।"

पहाड़ों को झकझोर देने वाला केस

अंकिता भंडारी ने 18 सितंबर, 2022 को यमकेश्वर के वनतंत्रा रिसॉर्ट में नौकरी शुरू की थी। लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस शाम उसकी हत्या हुई, उस दिन अंकिता और आरोपियों के बीच बहस हुई थी। इसके बाद पुलकित आर्य और उसके साथी उसे ऋषिकेश के पास स्थित चीला नहर में फेंककर मारना चाहते थे, ताकि उसका शव कभी न मिल सके। छह दिन बाद अंकिता का शव नहर में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत पानी में डूबने से हुई, लेकिन इससे पहले उसके शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जो बताते हैं कि उस पर हमला किया गया था।

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