नासिक के रहने वाले खुद को भगवान का अवतार बताने वाले बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। 67 साल के इस ज्योतिषी को पहले ही रेप के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है, और अब उस पर जबरन पैसे वसूलने, मानव बलि और अंधविश्वास विरोधी कानून तोड़ने के नए केस भी दर्ज हुए हैं। पुणे के एक बिल्डर ने आरोप लगाया है कि इस ज्योतिषी ने उससे करीब 5 करोड़ रुपये ठग लिए।
शिकायत के मुताबिक, खरात पहले मर्चेंट नेवी में था और खुद को ‘कैप्टन’ कहता था। उसने बिल्डर को कहा कि उसके लॉजिस्टिक्स बिजनेस को सफल बनाने के लिए “अवतार पूजा” करनी होगी।
बिल्डर का कहना है कि उसे डराकर खरात ने उससे अपने लिए एक महंगी मर्सिडीज-बेंज कार तक खरीदवा ली। उसे मौत का डर दिखाया गया था।
आरोप है कि खरात ने एक नकली सांप दिखाकर उसे डराया और कहा कि उसे “पारस पत्थर” की ताकत पाने के लिए 21 देशों की यात्रा करनी पड़ेगी।
पुलिस शिकायत में कहा गया है कि “नाग देवता” का डर दिखाकर- और यह कहकर कि अगर उसने बात नहीं मानी तो सांप के काटने से उसकी मौत हो जाएगी, खरात बिल्डर को कई देशों में घुमाता रहा और सारा खर्च उसी से उठवाया।
यह भी आरोप है कि खरात ने अपने मिरगांव वाले फार्महाउस के निर्माण का पूरा खर्च भी उसी बिल्डर से वसूला।
बिल्डर ने यह भी कहा कि उसे ईशान्येश्वर महादेव मंदिर के पास बंधक बनाकर रखा गया, जहां खरात अध्यक्ष है। वहां उसे जान से मारने की धमकी दी गई और फार्महाउस के फर्नीचर के लिए भी पैसे वसूले गए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि 10 मार्च को खरात के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था, ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके। साथ ही, मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है।
17 मार्च को एक महिला ने नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसे ‘कनाडा कॉर्नर’ बिल्डिंग में खरात के ऑफिस बुलाया गया, पानी पिलाया गया और फिर उसके पति की जान का डर दिखाकर कई बार रेप किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरात को 17 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को दो लैपटॉप, एक रिवॉल्वर और 21 जिंदा कारतूस मिले। साथ ही पता चला कि उसके पास मिरगांव में एक फार्महाउस भी है।
19 मार्च को इस पूरे मामले की जांच आधिकारिक तौर पर SIT को सौंप दी गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि SIT यह भी जांच करेगी कि इस मामले में किसी सरकारी अधिकारी की कोई भूमिका तो नहीं है।
SIT ने अशोक खरात की “शिवनिका संस्थान” के बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं।
जांच एजेंसियां अब संस्थान के रिकॉर्ड खंगाल रही हैं, क्योंकि शक है कि इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन के लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
SIT ने रजिस्ट्रेशन विभाग के आईजी को भी पत्र लिखकर खरात और उसके 5 परिवार के सदस्यों की सभी संपत्तियों- जमीन और फ्लैट- की जानकारी मांगी है।