Bakrid 2026: बकरीद को लेकर यूपी में कैसी चल रही है तैयारियां? नमाज पर CM योगी के बयान पर सियासी बवाल
Bakrid 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर चेतावनी देते हुए सोमवार को कहा कि धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग पालियों में धर्म से संबंधित गतिविधियां की जानी चाहिए। सीएम योगी ने बकरीद यानी ईद-उल-अजहा से कुछ दिन पहले यह टिप्पणी की है, जो 28 मई को मनाई जाएगी
Bakrid 2026: उत्तर प्रदेश समेत देश के ज्यादातर हिस्सों से रविवार शाम को बकरीद का चांद नजर आने की सूचना नहीं मिली। इसके बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने 28 मई को ईद-उल-अज़हा (Eid Al Adha) का त्योहार मनाने का ऐलान किया है। ईद उल फित्र के विपरीत बकरीद चांद दिखने के 10वें दिन मनाई जाती है। चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि रविवार शाम देश के विभिन्न हिस्सों में इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने ‘ज़ुल हिज्जा’ के चांद को लेकर संपर्क किया गया। लेकिन कहीं से भी चांद देखे जाने की पुष्टि नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि लिहाज़ा यह फैसला किया गया है कि बकरीद का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा। ईद उल अज़हा यानी बकरीद का त्योहार, ईद उल फित्र के दो महीने नौ दिन बाद मनाया जाता है। वहीं, मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया हिंद ने एक बयान में कहा कि देश के किसी हिस्से से चांद दिखाई देने की प्रमाणित सूचना प्राप्त नहीं हुई, इसलिए 28 मई को ईद-उल-अज़हा मनाई जाएगी।
जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने भी एक वीडियो बयान में 28 मई को बकरीद मनाए जाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश के किसी हिस्से से चांद नजर आने की सूचना नहीं है। इस्लामी मान्यता के अनुसार, पैगंबर इब्राहिम अपने बेटे इस्माइल को इसी दिन अल्लाह के हुक्म पर कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उनके बेटे को जीवनदान दे दिया।
इसके बाद वहां एक पशु की कुर्बानी दी गई थी, जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है। तीन दिन चलने वाले त्योहार में मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी हैसियत के हिसाब से उन पशुओं की कुर्बानी देते हैं, जिन्हें भारतीय कानूनों के तहत प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
सीएम योगी के बयान पर बवाल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर चेतावनी देते हुए सोमवार को कहा कि धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग पालियों में धर्म से संबंधित गतिविधियां की जानी चाहिए। सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार सड़क जाम करके नमाज या किसी अन्य धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा, "सड़कें आने-जाने के लिए होती हैं, तमाशा खड़ा करने के लिए नहीं। किसी को सड़क जाम करने का अधिकार किसने दिया? लोग अपने निर्धारित धार्मिक स्थलों पर जाकर प्रार्थना करें।"
आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय से पालियों में नमाज अदा करने को कहा है। उन्होंने कहा, "अगर आपके घरों में सभी लोगों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो आपको अपनी संख्या (जनसंख्या) पर नियंत्रण रखना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "इसके अलावा यदि आप इस व्यवस्था में रहना चाहते हैं, तो इसके नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। कानून का राज चलेगा। अगर नमाज पढ़ना जरूरी है तो पालियों में पढ़िए। हम आपको प्रार्थना करने से नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़कों पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।"
CM योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर इस तरह का व्यवधान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम सड़कों पर अराजकता फैलने नहीं देंगे। यदि आप शांतिपूर्वक मानते हैं तो ठीक है। अगर नहीं मानेंगे तो हमें दूसरे कदम उठाने पड़ेंगे। हमारी प्राथमिकता संवाद करना है। यदि आप हमारी बात सुनते हैं तो बहुत अच्छा। अगर नहीं, तो टकराव के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए।"
उन्होंने कहा, "बरेली में कुछ लोगों ने हमारी सहनशीलता की परीक्षा लेने की कोशिश की थी और उन्होंने हमारी सहनशक्ति की सीमा भी देख ली।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शासन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव किए बिना काम किया है।
विपक्ष का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा, "अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं और जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा का नजरिया धार्मिक रंग में रंग जाता है।"
चांद ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाने के लिए हैं, जिनमें शिक्षक अभ्यर्थियों को नौकरी न मिलना, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं तथा किसानों की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने पीटीआई से कहा, "समाजवादी पार्टी तैयार है। PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) BJP और उसकी विभाजनकारी एवं नफरत की राजनीति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। समाजवादी पार्टी या कोई अन्य विपक्षी दल BJP की नकारात्मक राजनीति को हावी नहीं होने देगा।"