सीएम योगी के सड़क पर नमाज पढ़ने वाले बयान पर गरमाई सियासत, RJD-AIMIM का तीखा पलटवार

Yogi Adityanath: सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने सड़कों पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं, न कि भीड़ लगाने के लिए। बता दें कि उनका यह बयान बकरीद के एक हफ्ते पहले आया है।

अपडेटेड May 19, 2026 पर 11:09 AM
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सीएम योगी के सड़क पर नमाज पढ़ने वाले बयान पर गरमाई सियासत, RJD-AIMIM का तीखा पलटवार

Yogi Adityanath: सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं, न कि किसी तरह के आयोजन या भीड़ लगाने के लिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नमाज निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए, सार्वजनिक सड़कों पर नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोग समझाने पर मानते हैं तो ठीक है, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर किसी जगह पर भीड़ ज्यादा होती है, तो लोग अलग-अलग शिफ्ट में नमाज अदा कर सकते हैं। नहीं तो जनसंख्या नियंत्रित कर लें। अपने संबोधन में उन्होंने साफ कहा कि कानून सभी के लिए समान है और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से पेश आएगी।

अलग-अलग दलों ने दी प्रतिक्रिया


बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान बकरीद से एक हफ्ते पहले आया है, जिसमें सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त चेतावनी दी गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद से सियासी हंगामा मच गया है। अलग-अलग दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आरजेडी ने सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान का विरोध किया है।

आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सोमवार (18 मई, 2026) को कहा, "चुनाव आ रहा है तो योगी आदित्यनाथ वोटों के लिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे… धर्म की राजनीति करना आप कब छोड़ेंगे?"

आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने आगे कहा, 'ये देश संविधान से चलता है और ये कानून हक देता है कि नमाज पढ़ें, पूजा करें, गिरिजा घर जाएं। एक विशेष धर्म के लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाते हैं और नफरत फैलाते हैं…"

वहीं, AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि कानून सभी के ऊपर समान रूप से लागू होना चाहिए। एक ही समुदाय को टारगेट करना और उसके खिलाफ नफरत फैलाना सरासर गलत है।

उन्होंने ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''योगी जी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पूरी तरह से फेल हो चुके हैं। शपथ संविधान की लिए हैं लेकिन आए दिन अनाप-शनाप बकवास करते रहते हैं. कभी ठोक डालूंगा वाली पॉलिसी की बात करेंगे तो कभी कठमुल्ले वाली बात करेंगे। कितनी अव्यवस्था फैलाएंगे, अभी आपने क्या बयान दिया कि नमाज शिफ्ट में पढ़ें, रास्ते में पढ़ेंगे तो हम दिखाएंगे। आप किस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।''

योगीजी देश संविधान से चलेगा कायदे कानून से चलेगा आपकी धमकियों से नहीं। कानून सब के लिए बराबर होना चाहिए सिर्फ मुसलमानों के लिए ही क्यों??

मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रशासन सख्त

उधर सीएम योगी के आदेश का प्रशासन पर सीधा असर दिखा है। बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए कानपुर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को जॉइंट पुलिस कमिश्नर  डॉ. विपिन ताडा ने शहर के संभ्रांत नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ अहम बैठक की। बैठक में साफ किया गया कि त्योहार की आड़ में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बैठक यह भी कहा कि इस बार किसी भी धार्मिक स्थल के बाहर सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी। सभी लोगों को मस्जिदों और ईदगाहों के परिसर के भीतर ही नमाज पढ़नी होगी। बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं ने इस पर सहमति जताई।

इसके अलावा, प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कुर्बानी नहीं दी जाएगी। साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी और उनके परिवहन पर पूरी तरह रोक रहेगी।

सोशल मीडिया पर पुलिस की रहेगी नजर

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैले भ्रामक संदेश से दूर रहें। साथ ही कुछ भी त्योहार के दौरान कुछ भी समस्या हो तो पुलिस से संपर्क करें। प्रशासन ने कहा, आईटी सेल सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी।

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