Bangladesh unrest: बांग्लादेश में भारत-विरोधी गतिविधियों और हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की हत्या और वहां के नेताओं द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दिए गए बयानों के बाद BJP नेताओं के तेवर और तीखे हो गए हैं। इसी कड़ी में BJP विधायक असीम सरकार ने बांग्लादेश को लेकर कड़ा बयान दिया है। बुधवार (24 दिसंबर) को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हत्याओं के विरोध में सनातनी ओइक्या मंच की ओर से जयंतपुर बाजार से पेट्रापोल सीमा तक एक विरोध मार्च निकाला गया।
इस मार्च में भाजपा विधायक असीम सरकार और बांगांव उत्तर से विधायक अशोक कीर्तनिया भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सीमा क्षेत्र में भारी पुलिस बल और अतिरिक्त बीएसएफ जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
प्रदर्शन के दौरान असीम सरकार ने बांग्लादेशी चरमपंथियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "जिस तरह पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी, उसी तरह भारत सरकार को बांग्लादेश में भी सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए।" साथ ही असीम सरकार ने कहा, "जरूरत पड़ने पर बांग्लादेश के चरमपंथियों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश के कुछ नेता भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों यानी 'सेवन सिस्टर्स' को लेकर जो बयान दे रहे हैं, वह बेहद खतरनाक है। असीम सरकार ने तीखे शब्दों में कहा कि ताकतवर लोग भी पीठ के बल सोना चाहते हैं, इसलिए केंद्र सरकार को अभी सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी धमकियों की हिम्मत कोई न कर सके।
बता दे कि बीते दिन इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी ने भी तीखा व्यंग किया है और बांग्लादेश की तुलना एक छोटी से चींटी से की। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अगर ऑपरेशन सिंदूर के तहत कुछ ड्रोन बांग्लादेश छोड़े जाएं तो उनकी हिंसा रुक जाएगी।
असीम सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा लगातार TMC पर यह आरोप लगा रही है कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साधे हुए है।
BJP नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रही है। पेट्रापोल सीमा पर हुए इस विरोध प्रदर्शन और असीम सरकार के बयान ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बांग्लादेश मुद्दा बंगाल चुनाव का एक बड़ा राजनीतिक हथियार बनने वाला है।