कमल हासन ने तमिलनाडु में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच राज्यपाल से अपील की है कि विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) को सरकार बनाने का मौका दिया जाए। कमल हासन ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अगर TVK को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया जाता, तो यह जनता के जनादेश और लोकतंत्र का अपमान होगा।
2026 विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को साफ बहुमत नहीं मिला। TVK ने 108 सीट जीत हैं। जबकि DMK गठबंधन: 73 सीट और AIADMK गठबंधन: 53 सीटों पर जीता है।
बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। फिलहाल कांग्रेस समेत कुछ दलों के समर्थन से विजय के पास करीब 112 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है, यानी अभी भी बहुमत से 5 सीट कम हैं।
इसी वजह से राज्यपाल आरवी आर्लेकर ने अभी तक विजय को औपचारिक रूप से सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है।
“बहुमत विधानसभा में साबित होता है”
कमल हासन ने कहा कि संविधान और सुप्रीम कोर्ट के मशहूर एस.आर. बोम्मई फैसले के मुताबिक, किसी भी सरकार का बहुमत राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में तय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि TVK को 108 सीटें मिली हैं और जनता ने उसे सबसे बड़ी पार्टी बनाया है। ऐसे में उसे मौका न देना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ होगा।
कमल हासन ने यह भी कहा कि अभी तक 233 निर्वाचित विधायक शपथ नहीं ले पाए हैं और इससे राज्य का प्रशासन प्रभावित हो रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंता की बात है।
कमल हासन ने एमके स्टालिन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि हार के बाद स्टालिन ने राजनीतिक परिपक्वता दिखाई है।
स्टालिन पहले ही कह चुके हैं कि DMK अगले 6 महीनों तक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी और नई सरकार को काम करने का मौका देगी।
कमल हासन का मानना है कि जब राजनीतिक दल जनता के फैसले को स्वीकार कर चुके हैं, तो अब संवैधानिक प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
तमिलनाडु में अभी तक नई सरकार का गठन नहीं हुआ है और इसी वजह से राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।
कमल हासन के इस बयान से राज्यपाल पर दबाव और बढ़ सकता है कि वे जल्द फैसला लें और TVK को बहुमत साबित करने का मौका दें।
उन्होंने आखिर में कहा कि जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ज्यादा देर तक रोका नहीं जाना चाहिए।