उत्तर प्रदेश के बरेली में एक रेस्टोरेंट में बर्थडे पार्टी के दौरान हुए हंगामे के कुछ दिनों बाद, बर्थडे गर्ल ने अपनी पीड़ा जाहिर की है। 22 साल की नर्सिंग की छात्रा ने कहा कि इस घटना के बाद वह बहुत परेशान और डरी हुई है, जिसकी वजह से वह घर से बाहर भी नहीं निकल पा रही है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उसने कहा, “मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि मेरे दोस्तों को परेशान किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। क्या अब मुझे दोस्तों को उनके धर्म के आधार पर चुनना पड़ेगा? मैं इतनी डर गई हूं कि घर में ही बंद हूं और बाहर नहीं जा पा रही हूं।”
बर्थडे पार्टी में हुआ था हंगामा
यह घटना शनिवार को बरेली के प्रेम नगर इलाके में हुई थी। छात्रा ने एक रेस्टोरेंट में अपना जन्मदिन मनाने के लिए पार्टी रखी थी। पार्टी में उसके कुल नौ दोस्त मौजूद थे, जिनमें पांच महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे। चार पुरुष दोस्तों में से दो की पहचान शान और वाकिब के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, जब एक हिंदू युवती के साथ दूसरे समुदाय के युवक रेस्टोरेंट में मौजूद थे, तो एक राइट-विंग संगठन के कुछ सदस्य वहां पहुंच गए। उन्होंने पार्टी में दखल दिया, नारे लगाए और वहां मौजूद लोगों पर “लव जिहाद” का आरोप लगाया।
घटना की सूचना मिलने पर प्रेम नगर पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और छात्रा समेत सभी लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। शुरुआत में शान को हिरासत में लिया गया, जबकि वाकिब मौके से भाग गया। बाद में पुलिस ने वाकिब को रेस्टोरेंट मालिक शैलेंद्र गंगवार के साथ शांति भंग करने से जुड़ी धाराओं में हिरासत में लिया। इसके बाद तीनों को निजी मुचलके पर जमानत देकर रिहा कर दिया गया।
मेरे दोस्तों को बेवजह मारा गया
महिला ने बताया कि जब वह अपना जन्मदिन का केक काट रही थी, तभी कुछ लोग कैफे में घुस आए और उसके दोस्तों पर हमला करने लगे। उसने एक न्यूज आउटलेट से कहा, “उन्होंने वाकिब और शान को पीटना शुरू कर दिया। मेरे साथ और वहां मौजूद दूसरे लोगों के साथ भी बदतमीजी की गई और हमसे हमारे धर्म को लेकर सवाल किए गए।” उसका कहना है कि दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की।
'मैं डिप्रेशन में चली गई हूं...'
रिपोर्ट के मुताबिक, यह युवती पिछले चार साल से अपने नर्सिंग इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में रह रही थी। लेकिन इस घटना के बाद उसने हॉस्टल छोड़ दिया है और अब बरेली में अपनी मौसी के घर रह रही है। वह बदायूं जिले की रहने वाली है। उसके पिता किसान हैं और वह अपने दो भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। युवती ने कहा कि इस घटना का उसकी मानसिक सेहत और इज्जत पर गहरा असर पड़ा है। उसने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, “मैं डिप्रेशन में चली गई हूं। इस घटना ने मेरी छवि को स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में खराब कर दिया है। मुझे समझ नहीं आता कि इन लोगों को मुझे जज करने का या यह तय करने का हक किसने दिया कि मुझे किससे दोस्ती करनी चाहिए।”
युवती ने कहा कि उसके माता-पिता उसके दोस्तों के बारे में जानते थे और उन्हें जन्मदिन मनाने पर कोई आपत्ति नहीं थी। उसने आरोप लगाया कि यह हमला पहले से सोचा-समझा लग रहा है। उसने पुलिस से मांग की कि यह जांच की जाए कि हमलावरों को इस पार्टी की जानकारी किसने दी। पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर और दीपक पाठक अभी फरार हैं। यह आरोप लगाया गया था कि दोनों का बजरंग दल से संबंध है, लेकिन संगठन के बरेली कोऑर्डिनेटर आर्यन चौधरी ने इस दावे को गलत बताया है।
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