Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला तेज कर दिया है और दावा किया गै कि देश "आर्थिक तूफान" की ओर बढ़ रहा है। रायबरेली में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि इस संकट का बोझ अमीरों के बजाय आम नागरिकों पर पड़ेगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा, “मैं पिछले कुछ दिनों से यही कह रहा हूं कि मोदी जी ने आर्थिक ढांचा बदल दिया है। एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है। उनकी अडानी-अंबानी वाली व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं टिकेगी; यह ढह जाएगी। दुर्भाग्य से, इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ेगा।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है, जबकि लोगों को विदेश यात्रा कम करने की सलाह दी जा रही है।
आर्थिक संकट का असर आम आदमी पर पड़ेगा
राहुल गांधी ने आगे कहा, “आर्थिक संकट का असर अडानी, अंबानी और मोदी पर नहीं पड़ेगा; इसका गहरा प्रभाव आम आदमी पर पड़ेगा। यह पहले कभी नहीं देखा गया जैसा होगा। कठिन समय आने वाला है। कार्रवाई करने के बजाय, नरेंद्र मोदी लोगों से विदेश यात्रा न करने का आग्रह कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं विश्व दौरे पर हैं।”
उनकी ये टिप्पणी उसी दिन आई जब सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा खुदरा कीमतों पर लगभग चार साल से चले आ रहे प्रतिबंध को हटाने के बाद एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई।
दिल्ली में बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत
बता दें कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गई। अलग-अलग राज्यों में VAT (वैल्यू एडेड टैक्स) की दरों में भिन्नता के कारण कीमतें अलग-अलग हैं।
इस ताजा बढ़ोतरी के बाद ईंधन की कीमतें मई 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे पहले इसी महीने कई शहरों, जैसे दिल्ली और मुंबई में, CNG की कीमतें भी बढ़ाई गई थीं—पहले 15 मई को ₹2 प्रति किलो और फिर रविवार को ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन बाधित हो गया, जो वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक अहम मार्ग है।
विपक्षी दलों ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया है कि चुनाव वाले राज्यों में पहले कीमतें स्थिर रखी गई थीं।