Bengaluru Rain: भारी बारिश से बिगड़े बेंगलुरु के हालात, आईटी कंपनियों ने दिया WFH को किया अनिवार्य

Bengaluru Heavy Rain: भारतीय मौसम विभाग (IMD) और कर्नाटक सरकार के मुताबिक, बेंगलुरु में दो दिनों के अंदर करीब 240 मिमी बारिश हुई है। खासतौर पर रविवार, 18 मई को शहर में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसकी वजह से कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं

अपडेटेड May 20, 2025 पर 2:59 PM
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Bengaluru Heavy Rain: भारी बारिश की वजह से बेंगलुरु के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

Bengaluru Heavy Rain: भारत की आईटी सिटी बेंगलुरु का लगातार हो रही बारिश से बुरा हाल है। भारी बारिश की वजह से बेंगलुरु के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के सड़कों पर जगह जगह पानी भर गया है और कई आवासीय इलाके जलमग्न हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी बेंगलुरु के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि सड़कें जलमग्न हैं और बारिश के बीच शहर कई तरह की परेशानियों से जूझ रहा है।

बारिश के कारण आईटी कंपनियों ने लिया बड़ा फैसला 

मनीकंट्रोल को सूत्रों ने बताया कि, अमेरिका की आईटी कंपनी कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु में भारी बारिश को देखते हुए 20 मई से अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला बीते दो दिनों से शहर में हो रही लगातार बारिश और उससे होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। टीनेक, न्यूजर्सी में स्थित कॉग्निजेंट कंपनी भारत के आईटी हब बेंगलुरु में करीब 40,000 लोगों को रोजगार देती है। रविवार रात से सोमवार सुबह तक लगातार हुई बारिश के कारण बेंगलुरु के कई इलाके पानी से भरे हुए हैं, जिससे रोज़मर्रा की आवाजाही में दिक्कतें आईं और आईटी सेक्टर का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।


बेंगलुरु में दो दिन में हुई 240 मिमी बारिश

भारतीय मौसम विभाग (IMD) और कर्नाटक सरकार के मुताबिक, बेंगलुरु में दो दिनों के अंदर करीब 240 मिमी बारिश हुई है। खासतौर पर रविवार, 18 मई को शहर में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसकी वजह से कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। शहर की 20 से ज्यादा झीलें ओवरफ्लो की कगार पर पहुंच गई हैं, कई अंडरपास बंद कर दिए गए हैं और फ्लाईओवरों पर भी पानी भर गया है। इससे सार्वजनिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सड़कों पर पानी भरने की वजह से बस सेवाएं भी कुछ हद तक बंद कर दी गई हैं।

भारी बारिश की वजह से कई रास्ते बंद

वहीं 20 मई को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने भारी बारिश और इलाके में जमें पानी की वजह से होसुर रोड का सिल्क बोर्ड से रूपेना अग्रहारा तक का हिस्सा बंद कर दिया। सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन से इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी तक होसुर रोड पर बना 9.9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे साल 2010 में शुरू हुआ था। इसे इसलिए बनाया गया था ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी तक का सफर आसान और तेज हो सके। यहां इंफोसिस और बायोकॉन जैसी बड़ी आईटी कंपनियां मौजूद हैं।

इन कंपनियों ने नहीं किया ऐलान

सूत्रों के मुताबिक, मिड-लेवल आईटी कंपनी एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के कर्मचारियों को अब तक सीनियर मैनेजमेंट की तरफ से वर्क फ्रॉम होम को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिला है। एक सूत्र ने बताया कि कंपनी इस मामले में काफी लचीला रवैया अपनाती है और कर्मचारी अपने ऑफिस आने का समय खुद तय कर सकते हैं। वे अपनी टीम से बातचीत करके घर से भी काम करने का फैसला ले सकते हैं।

कोरमंगला, एचएसआर लेआउट, बीटीएम लेआउट और मराठाहल्ली जैसे बेंगलुरु के बड़े इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे मुख्य सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। सिल्क बोर्ड जंक्शन पर हालात इतने खराब हो गए कि वहां पहुंचना मुश्किल हो गया। सर्विस रोड से बारिश का पानी बहकर अंडरपास में भर गया, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया और केरल व तमिलनाडु जाने वाली अंतरराज्यीय बसें भी फंस गईं। मान्यता टेक पार्क में कई कर्मचारी पहुंचे तो देखा कि प्रवेश द्वार घुटनों तक पानी में डूबा हुआ है, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग फंसे हुए हैं और ऑफिस के एंट्रेंस पानी में डूबे नजर आ रहे हैं।

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