Bengaluru Rain-Floods: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार (29 अप्रैल) रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं, भारी बारिश ने चर्च स्ट्रीट पर स्थित एक जाने-माने बुकस्टोर को भारी नुकसान पहुंचाया है। बेंगलुरु के मध्य भाग में स्थित मशहूर 'द बुकवर्म' बुकस्टोर में बारिश का पानी घुस जाने से 14 लाख रुपये से अधिक कीमत की 5,000 किताबें बर्बाद हो गई।
अधिकारियों ने गुरुवार (30 अप्रैल) को बताया कि भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए। कई प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
'द बुकवर्म (The Bookworm)' ने इंस्टाग्राम पर बारिश के बाद के हालात की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। इनमें दुकान का पूरा इलाका बारिश के पानी से भरा हुआ और हजारों किताबें भीगी हुई दिखाई दे रही हैं। कुछ तो पानी में तैर भी रही थीं। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के अनुसार, इन किताबों की कीमत 14 लाख रुपये से अधिक थी।
दुकान ने पानी भरे तस्वीरों के साथ लिखा, "बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण हमारी 4,000 से 5,000 किताबें बर्बाद हो गईं।" एक तस्वीर में दुकान के बाहर जमीन पर ओले बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि दूसरी तस्वीरों में दुकान के अंदर का नजारा है। इसमें पानी ने किताबों की अलमारियों और ढेरों को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया है।
सड़कें हुईं जलमग्न, 10 की मौत
बेंगलुरु के बड़े हिस्सों में लगभग एक घंटे तक अचानक और तेज बारिश हुई, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए और निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें जलमग्न होने के कारण आवागमन ठप हो गया, जिससे व्यस्त समय में ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। मूसलाधार बारिश के दौरान बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल की एक दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें छह साल की एक बच्ची भी शामिल है।
अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि मृतकों में दो लोग केरल के थे, जो स्टडी दौरे पर आए थे। वे दीवार के पास शरण लिए हुए थे, तभी दीवार गिर गई। एक अन्य घटना में 35 वर्षीय रघु की बैनरघट्टा रोड स्थित वेगा सिटी मॉल के पास करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यारब नगर में एक अन्य घटना में छात्र सैयद सुफियान की बारिश के दौरान मोटरसाइकिल खड़ी करते समय बिजली के तार के संपर्क में आने से मौत हो गई।
चामराजपेट में भी एक हादसे में मंजुनाथ नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जब तूफान के दौरान घर की छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। अचानक हुई इस बारिश ने पूरे शहर में भारी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया, "अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है।" इन हादसों में दीवार गिरना, करंट लगना और ढांचागत नुकसान शामिल हैं।
नगर निकाय के अनुसार, बेंगलुरु में कम से कम 87 पेड़ उखड़ गए और 131 शाखाएं टूट गईं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। इनमें से 60 पेड़ और 98 शाखाएं हटा दी गई हैं। मरम्मत का काम फिलहाल जारी है। सड़क किनारे खड़ी कई कारें और दोपहिया वाहन गिरे हुए पेड़ों के नीचे दब गए।
प्रमुख चौराहों और अंडरपास में जलभराव हो गया, जिसमें केआर सर्किल अंडरपास पूरी तरह डूब गया। इससे पुलिस को वहां बैरिकेड्स लगाने पड़े। ट्रैपिक जाम के कारण यात्री घंटों फंसे रहे। अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में इमारतों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। अचानक इतनी तेज तूफान के लिए लोग तैयार नहीं थे। प्रशासन ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।