Bernstein's Open Letter to PM : ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने PM को एक खुला पत्र लिखा है। बर्नस्टीन का कहना है कि अगर सरकार रिफॉर्म नहीं लाती है तो भारत पिछड़ जाएगा। ब्रोकरेज फर्म ने एग्रीकल्चर,एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग समेत 8 बड़ी थीम में बोल्ड फैसलों की वकालत करते हुए कहा है कि केवल ऐप बनाने से काम नहीं चलेगा। देश को खुद के AI मॉडल्स पर काम करना होगा, वरना IT नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी।
PM को बर्नस्टीन के खुले पत्र में रिफॉर्म मंत्र देते हुए 2019 के बाद फिर चेताया गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि 2019 में स्लोडाउन समस्या थी। लेकिन अब और बड़ी चुनौतियां हैं। AI,COVID और डी-ग्लोबलाइजेशन से हालात बदले है। इस खुले पत्र में कहा गया है कि रिफॉर्म की रफ्तार नहीं बढ़ी तो फुल पोटेंशियल हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। 6 की जगह अब 8 बड़ी प्राथमिकताओं पर काम करना जरूरी है।
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि भारत इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और Next-gen टेक के मोर्चे पर पिछड़ रहा है। इन पर फोकस करने की जरूरत है।
बर्नस्टीन की 8 रिफॉर्म थीम
बर्नस्टीन की 8 रिफॉर्म थीम में एग्रीकल्चर, एनर्जी, AI, मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे ट्रांसपोर्ट, कैश ट्रांसफर और सब्सिडी, R&D और इनोवेशन के साथ ही टैक्सेशन शामिल हैं। एग्रीकल्चर पर उसकी राय है कि इसमें सब्सिडी मॉडल नहीं चलेगा। सिंचाई, एग्री इंफ्रा,स्टोरेज और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म जरूरी है। एनर्जी पर ब्रोकरेज का कहना है कि DISCOM का 5–6 लाख करोड़ रुपए का घाटा ठीक नहीं है। EV को बढ़वा देने से कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी।
बर्नस्टीन की 8 रिफॉर्म थीम में शामिल AI पर ब्रोकरेज का कहना है कि इसमें सिर्फ ऐप बनाने से काम नहीं चलेगा। देख के पास अपने खुद के AI मॉडल्स होने चाहिए। साथ ही अपने डेटा पर कंट्रोल होना चाहिए वरना IT नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। मैन्यूफैक्चरिंग पर बर्नस्टीन का कहना है कि इस सेक्टर में AI, रोबोटिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश होना चाहिए।
रेलवे ट्रांसपोर्ट पर अपनी राय देते हुए बर्नस्टीन ने कहा है कि मेट्रो,बस और रेल कॉरिडोर में निवेश जरूरी है। वहीं, कैश ट्रांसफर और सब्सिडी पर अपनी राय जाहिर करते हुए ब्रोकरेज ने कहा कि कैश ट्रांसफर से डिमांड को पुश मिलता है लेकिन इसके महंगाई बढ़ने और प्रोडक्टिविटी घटने का खतरा होता है।
R&D और इनोवेशन पर फोकस बढ़ाने की अपील करते हुए बर्नस्टीन ने कहा है कि भारत का R&D खर्च GDP का सिर्फ 0.6–0.7 है। ये अन्य देशों से काफी कम है। हमें R&D खर्च बढ़ाने की जरूरत है। टैक्सेशन पर अपनी राय देते हुए ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए बोल्ड फैसले लेने जरूरी हैं। हाई टैक्स और कमजोर इंफ्रा का नैरेटिव बदलान होगा।
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