बिहार के वैशाली जिले में एक सरकारी स्कूल की टीचर ने कथित तौर पर अपने घर में आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी है और अनुरोध किया है कि अंतिम संस्कार में उसकी चिता को उसके पति के बजाय उसकी तीन महीने की बेटी से मुखाग्नि दिलाई जाई। महिला ने यह भी लिखा कि उसकी मौत के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है। उसने यह भी कहा कि उस पर 5.5 लीटर दूध के पैसे बकाया हैं, जो उसके पर्स से ले लिए जाएं।
30 साल की प्रिया भारती सोमवार रात सेहान गांव में अपने किराए के मकान में फांसी पर लटकी हुई मिलीं। उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें भारती ने लिखा था कि वह बीमारी के कारण अपनी जान दे रही हैं और उनकी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने लिखा, “मेरे पार्थिव शरीर को रसूलपुर (मेरा पैतृक गांव) नहीं ले जाया जाए। मेरा अंतिम संस्कार यहीं किया जाना चाहिए। चिता को मेरी बेटी से रज्वलित कराया जाए, मेरे पति से नहीं। मेरा मोबाइल फोन मेरे पति को सौंप दिया जाए। फोन में कुछ मैसेज, ऑडियो और वीडियो हैं। मेरे पति को पासवर्ड पता है।”
नोट में लिखा था, "जिन लोगों की भावनाओं को मैंने ठेस पहुंचाई है, उनसे मैं माफी मांगती हूं। मैं पुलिस से अनुरोध करती हूं कि वे पोस्टमार्टम न करें। मेरे पति या परिवार के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। यह मेरा निजी फैसला है। मां, पिताजी, आपकी बेटी ने बहुत कुछ खो दिया है। सॉरी मां।"
आखिर में, उन्होंने मार्मिक ढंग से लिखा, "5.5 लीटर दूध का बकाया है। मेरे पर्स में पैसे हैं, कृपया वहां से पैसे लेकर पेमेंट कर दीजिए।"
हालांकि, भारती के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके पति दीपक राज और उसके ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे और उसने इस बारे में अपनी मां को बताया था।
पुलिस ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है और मंगलवार को पोस्टमार्टम किया गया। उपमंडल पुलिस अधिकारी संजीव कुमार ने कहा, "जांच जारी है। महिला के परिवार से हमें कोई शिकायत नहीं मिली है।"