Thiruvananthapuram Mayor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम के नए मेयर वी.वी. राजेश को एक इमोशनल लेटर लिखकर केरल की राजधानी में पहली बार सत्ता में आने पर उन्हें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं को बधाई दी है। पीएम मोदी ने इस जीत को ऐतिहासिक करार दिया है। पीएम मोदी ने वीवी राजेश को एक दिल छू लेने वाला खत लिखा है। खुद इस लेटर को राजेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि के महत्व और विकसित केरल के लिए बीजेपी के विजन पर जोर दिया है।
राजेश को 30 दिसंबर को संबोधित पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर जी.एस. आशा नाथ के शपथ ग्रहण के साथ तिरुवनंतपुरम में इतिहास रचा गया है। वीवी राजेश ने X पर लेटर को शेयर करते हुए लिखा, "यह सम्मान माननीय प्रधानमंत्री द्वारा केरल को दिया गया नए साल का तोहफा है। तिरुवनंतपुरम में राजनीतिक बदलाव केरल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की दशकों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। यह सम्मान मोदीजी द्वारा केरल को दिया गया नए साल का तोहफा है।"
लेटर में पीएम मोदी ने कहा कि केरल की राजधानी ने देश को कई नेता, समाज सुधारक, कलाकार, संगीतकार, कवि, सांस्कृतिक हस्तियां, संत और महापुरुष दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब ऐसा शहर हमारी पार्टी को आशीर्वाद देता है, तो यह अत्यंत गर्व करने वाला अनुभव है। विकसित तिरुवनंतपुरम बनाने का हमारा दृष्टिकोण समाज के सभी वर्गों में लोगों के साथ गूंजा है।"
उन्होंने कहा कि लोगों ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली NDA सरकार के कामकाज और विभिन्न राज्यों में शहरी विकास के लिए किए गए प्रयासों को देखा है, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने पार्टी को समर्थन दिया। पीएम मोदी ने कहा, "मैं इस शहर के लोगों के स्नेह के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने यह भी कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में BJP की जीत से उन्हें अत्यंत खुशी और गर्व की अनुभूति हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, "तिरुवनंतपुरम के लोगों के आशीर्वाद से जो कुछ हुआ है, वह ऐतिहासिक है। इसे सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएग।"
पत्र में PM मोदी ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की आलोचना करते हुए उन पर कुशासन, भ्रष्टाचार और BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा का आरोप भी लगाया। तिरुवनंतपुरम नगर निगम की 101 में से BP ने 50 सीट जीती हैं। इस नगर निगम पर पहले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले LDF का शासन था।