Indore Water Deaths: इंदौर में दूषित पानी से 6 महीने के मासूम बच्चे की मौत, मां बोली- '10 साल की दुआओं के बाद पैदा हुआ था'

Indore Water Contamination: इंदौर के स्थानीय नागरिकों ने पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे समेत 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। जबकि प्रशासन ने डायरिया से केवल चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला

अपडेटेड Jan 01, 2026 पर 2:05 PM
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Indore Water Contamination: इंदौर के लोगों ने नगर निगम पर लंबे समय तक लापरवाही का आरोप लगाया है

Indore water contamination Deaths: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के मराठी मोहल्ले में छह महीने के एक मासूम बच्चे की कथित तौर पर दूषित पानी पीने से मौत हो गई। इससे निवासियों में गुस्सा फैल गया है। लोगों ने नगर निगम पर लंबे समय तक लापरवाही का आरोप लगाया है। बच्चे की मां साधना साहू ने बताया कि घर की सप्लाई के पानी में दूध मिलाकर पिलाने के बाद बच्चे को गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे। इसके बाद उसे पहले एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया। फिर बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मां ने कहा, "मेरा बच्चा चला गया... पता नहीं और कितनी मासूम जानें जाएंगी।" यह याद करते हुए वह रो पड़ीं कि लड़का 10 साल की लंबी प्रार्थनाओं के बाद पैदा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद इलाके में गंदे नाले जैसा पानी सप्लाई किया जा रहा था। साहू ने यह भी बताया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी अब पेट दर्द की शिकायत होने लगी है। परिवार का मानना ​​है कि यह दूषित पानी की वजह से है। यह मौत भागीरथपुरा इलाके में बड़े पैमाने पर पानी में गंदगी फैलने के डर के बीच हुई है।

स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के दौरान पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे समेत 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। जबकि प्रशासन ने डायरिया से केवल चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला।


भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है विजयवर्गीय ने पत्रकारों को बताया कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए। इनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। स्वस्थ होने पर लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है।

विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा, "मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है। लेकिन यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है। हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे। इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी"

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इस बीच, राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने स्थानीय अफसरों के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा करके हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि पेयजल की आपूर्ति की पाइपलाइन के लीकेज को दुरुस्त करने के बाद भागीरथपुरा में गुरुवार को जलप्रदाय किया गया। घरों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।

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