BMC Mayor Row: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार (20 जनवरी) को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मेयर पद को लेकर सत्ताधारी 'महायुति' गठबंधन में मतभेदों की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ कोई टकराव नहीं है। सीएम ने कहा कि मुंबई लौटने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिंदे शिवसेना के लिए BMC मेयर का पद कम से कम पहले ढाई साल के लिए सुनिश्चित करना चाहते हैं, क्योंकि यह पार्टी के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष है।
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मौके पर 'मनीकंट्रोल' से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि मेयर के लिए शिवसेना द्वारा 2.5 साल के कार्यकाल की मांग की खबरें अफवाहें हैं। उन्होंने आगे कहा, "कोई समस्या नहीं है। हमने चुनाव साथ मिलकर लड़ा है। कोई टकराव नहीं है। जब मैं मुंबई वापस जाऊंगा, तो हम तय करेंगे कि यह पद किसे मिलेगा।"
फडणवीस ने मेयर पद को लेकर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ फोन पर बातचीत की खबरों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने ऐसे दावों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, "यह सब अफवाह है। मेयर या किसी अन्य पद के लिए हमें लड़ने की जरूरत नहीं है क्योंकि लोगों ने हमें जनादेश दिया है।" कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) द्वारा देवेंद्र फडणवीस की BJP को समर्थन देने की भी चर्चा है।
BMC चुनावों में महायुति की जीत का जिक्र करते हुए, फडणवीस ने नई सरकार को ज्यादा जवाबदेही वाली "ट्रिपल-इंजन सरकार" बताया। उन्होंने मनीकंट्रोल से कहा, "यह ट्रिपल इंजन है। लेकिन मैं कहूंगा कि यह तीन गुना ज्यादा जिम्मेदारी भी है। जब आपको इतना बड़ा जनादेश मिलता है, तो यह आपको लोगों की जरूरतों के प्रति अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बनने का मौका देता है। अब जब शुरुआती खुशी कम हो गई है, तो मैं जिम्मेदारी महसूस कर सकता हूं।"
इससे पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव परिणाम आने के बाद नए राजनीतिक समीकरण की खबरों को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि मुंबई में 'महायुति' का मेयर होगा। शिंदे ने पत्रकारों को बताया कि जिन नगर निकायों में शिवसेना और बीजेपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, उनमें 'महायुति' गठबंधन के मेयर को नियुक्त किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि शिवसेना जनादेश के खिलाफ नहीं जाएगी। शिंदे का यह बयान बीएमसी में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन द्वारा मामूली बहुमत हासिल करने के बाद, शिवसेना के 29 निर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक होटल में शिफ्ट किए जाने को लेकर जारी बहस के बीच आया है। चुनाव परिणाम पिछले सप्ताह शुक्रवार को घोषित किए गए थे।
बीजेपी ने 89 पर जीत हासिल की। जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतकर 'महायुति' को 227 सदस्यीय बीएमसी में मामूली बहुमत दिला दी। इसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना 65 सीटें जीतकर BJP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
शिंदे ने कहा कि मुंबईवासियों ने शिवसेना-BJP गठबंधन को विश्वास के साथ वोट दिया है। उस विश्वास का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीएमसी या महाराष्ट्र के अन्य नगर निकायों में नये राजनीतिक समीकरण बनने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। जहां भी गठबंधन के तहत साथ मिलकर चुनाव लड़ा गया है, वहां मेयर का पद 'महायुति' को ही मिलेगा।