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ब्रिगेडियर उस्मान, जिन्होंने ‘कौम’ की जगह ‘वतन’ को तरजीह देते हुए ‘Two Nation Theory’ को लात मारी, मां भारती की रक्षा में किये अपने प्राण न्यौछावर!

पहलगाम हमले की साजिश रचने वाले पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अपनी जाहिलियत का प्रदर्शन करते हुए Two Nation theory को आगे किया है, और कश्मीर के लिए खून बहाते रहने का राग अलापा है। लेकिन आसीम मुनीर को याद कर लेना चाहिए कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख का लालच दिये जाने के बावजूद ब्रिगेडियर उस्मान ने मुस्लिम पाकिस्तान की जगह अपनी मातृभूमि हिंदुस्तान को पसंद किया था और मां भारती की रक्षा करते हुए जम्मू- कश्मीर के लिए हुई पहली लड़ाई में अपना बलिदान दिया था

Brajesh Kumar Singhअपडेटेड Apr 29, 2025 पर 9:35 PM
ब्रिगेडियर उस्मान, जिन्होंने ‘कौम’ की जगह ‘वतन’ को तरजीह देते हुए ‘Two Nation Theory’ को लात मारी, मां भारती की रक्षा में किये अपने प्राण न्यौछावर!
ब्रिगेडियर उस्मान, जिन्होंने ‘कौम’ की जगह ‘वतन’ को तरजीह देते हुए ‘Two Nation Theory’ को लात मारी

पहलगाम में चुन- चुनकर हिंदुओं को मारे जाने के पीछे पाकिस्तानी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर की अहम भूमिका मानी जा रही है, जिन्होंने इस जेहादी आतंकी हमले के कुछ दिन पहले ही Two- Nation Theory और कश्मीर को लेकर विवादित और भड़काऊ बयान दिया था। मुनीर का कहना था कि मुस्लिमों का धर्म अलग है, तरीके अलग हैं, परंपराएं अलग हैं, विचार अलग है, लक्ष्य अलग हैं, और इसी आधार पर Two Nation Theory बनी थी और पाकिस्तान का जन्म हुआ था। मुनीर ने ये भी कहा कि हिंदू और मुस्लिम दो अलग राष्ट्र हैं और वो एक साथ नहीं रह सकते। कश्मीर को पाकिस्तान के गले की नस करार देने वाले मुनीर ने वहां आतंकवाद को अपना समर्थन जारी रखने का भी ऐलान किया।

मुनीर ने ये बयान 16 अप्रैल के दिन आप्रवासी पाकिस्तानियों के पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिया था, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित तमाम बड़े नेता और अधिकारी बैठे हुए थे। इस बयान के हफ्ते भर बाद पहलगाम के बैसरण घाटी में लश्कर- ए- तैयबा से जुड़े आतंकियों ने हमला किया और 26 लोगों की जान ले ली, जिसमें से ज्यादातर हिंदू थे। आतंकियों ने पहले कलमा पढ़ने का आदेश देते हुए मुस्लिमों और गैर- मुस्लिमों को अलग किया, फिर पर्यटकों की पैंट उतरवाई और पहचान सुनिश्चित करने के बाद उनके सर में गोली मारी।

पहलगाम की ये वहशियाना घटना न सिर्फ जम्मू- कश्मीर के इतिहास में पर्यटकों पर हुआ सबसे बड़ा हमला रही, बल्कि 26-11 के मुंबई हमलों के बाद का भी सबसे बड़ा हमला, जिसमें इतने बड़े पैमाने पर निर्दोष लोगों की जान गई। इस हमले से पूरी दुनिया सन्न रह गई, लेकिन जेहादी मानसिकता से ग्रस्त पाकिस्तान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व इसे भी उचित ठहराने में लगा रहा, मुजाहिदीनों का संघर्ष बताते रहा। यहां तक कि मुनीर ने हमले के चार दिन बाद, शनिवार, 26 अप्रैल को खैबर- पख्तूनवाड़ा स्थित काकुल के पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी में कैडेट्स के पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए फिर से Two Nation Theory की बात उठाई और राग कश्मीर अलापा।

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