Get App

‘क्रूरतापूर्वक हमला किया गया, चीनी कहकर बुलाया गया’, एंजेल चकमा के पिता ने बेटे की मौत के बाद दिया दर्दनाक बयान

Dehradun Attack: त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा, जिनकी कथित तौर पर नस्लभेदी कैंटीन झड़प में घायल होने के कुछ हफ्तों बाद मृत्यु हो गई, के पिता तरुण चाकमा ने कहा कि उनके बेटे पर देहरादून में चाकू से "क्रूरतापूर्वक हमला" किया गया था, यह हमला तब हुआ जब एंजेल ने अपने भाई का बचाव किया।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Dec 29, 2025 पर 8:17 AM
‘क्रूरतापूर्वक हमला किया गया, चीनी कहकर बुलाया गया’, एंजेल चकमा के पिता ने बेटे की मौत के बाद दिया दर्दनाक बयान
‘क्रूरतापूर्वक हमला किया गया, चीनी कहकर बुलाया गया’, एंजेल चकमा के पिता ने बेटे की मौत के बाद दिया दर्दनाक बयान

Dehradun Attack: त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा, जिनकी कथित तौर पर नस्लभेदी कैंटीन झड़प में घायल होने के कुछ हफ्तों बाद मृत्यु हो गई, के पिता तरुण चाकमा ने कहा कि उनके बेटे पर देहरादून में चाकू से "क्रूरतापूर्वक हमला" किया गया था, यह हमला तब हुआ जब एंजेल ने अपने भाई का बचाव किया, क्योंकि हमलावरों ने उस पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए उसे “चीनी” कहकर अपमानित करने का प्रयास किया था।

बीएसएफ के जवान तरुण चकमा, जो वर्तमान में मणिपुर के तंगजेंग में तैनात हैं, ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि उनके बेटों को नस्लीय गालियां दी गईं, जबकि उनके बेटे ने हमलावरों से कहा था कि वह "भारतीय है, चीनी नहीं"। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देहरादून पुलिस ने शुरू में हमले की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की और ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन और वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव के बाद ही FIR दर्ज की।

बता दें कि तरुण चकमा के बेटे एंजेल चकमा का शुक्रवार को 17 दिनों तक जीवन-मरण के संघर्ष के बाद निधन हो गया। उनके पिता ने बताया कि वह देहरादून के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में MBA के छात्र थे और उन्हें नौकरी भी मिल गई थी।

हमले के दौरान बेटे की गर्दन टूट गई

सब समाचार

+ और भी पढ़ें